जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के एकमात्र चालू मल्टीप्लेक्स में 'मिर्जापुर' के कलाकारों के साथ फिल्म देखी। यह पहल क्षेत्र में सिनेमा संस्कृति को पुनर्जीवित करने और फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।

  • मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के INOX मल्टीप्लेक्स में 'मिर्जापुर' फिल्म देखी।
  • पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु जैसे दिग्गज कलाकार इस अवसर पर मौजूद रहे।
  • यह कार्यक्रम 'रंग-ए-सिनेमा' थीम के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFJK) का हिस्सा था।
  • कश्मीर में 23 साल के अंतराल के बाद सिनेमा संस्कृति को वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को श्रीनगर के शिवपोरा इलाके में स्थित घाटी के एकमात्र चालू मल्टीप्लेक्स, INOX में फिल्म 'मिर्जापुर' देखी। यह दुर्लभ दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री आम दर्शकों के बीच बैठकर फिल्म का आनंद ले रहे थे। उनके साथ फिल्म के मुख्य कलाकार पंकज त्रिपाठी (कालीन भैया) और दिव्येंदु (मुन्ना भैया) भी मौजूद थे।

यह आयोजन 'रंग-ए-सिनेमा' विषय पर आधारित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जम्मू और कश्मीर (IFFJK) के दूसरे दिन हुआ। इस महोत्सव के माध्यम से सरकार का लक्ष्य क्षेत्र में कला और संस्कृति के प्रति रुचि जगाना है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की उपस्थिति से जम्मू-कश्मीर में एक जीवंत फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र (Film Ecosystem) का निर्माण होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक रणनीतिक सांस्कृतिक बदलाव है। दशकों तक हिंसा और अस्थिरता के कारण कश्मीर में सिनेमा हॉल बंद रहे, जिससे युवाओं का वैश्विक सिनेमा से संपर्क टूट गया था। मुख्यमंत्री का स्वयं सिनेमा हॉल जाना यह संदेश देता है कि घाटी अब रचनात्मकता और मनोरंजन के लिए सुरक्षित और स्वागत योग्य है।

सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रतिबिंब और संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है, जो कश्मीर जैसे क्षेत्रों में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली का संकेत देता है।

महोत्सव के दौरान 41 देशों की लगभग 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। पंकज त्रिपाठी ने स्थानीय प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल बाहरी लोगों को 'कश्मीरियत' और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने का मौका देगी। वहीं, दिव्येंदु ने स्थानीय फिल्म निर्माताओं से आगे आने और अपनी कहानियों को पर्दे पर उतारने का आह्वान किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कश्मीर का सिनेमाई इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1990 के दशक में अशांति के कारण घाटी के लगभग 15 सिनेमा हॉल बंद हो गए थे। पिछले कई वर्षों में सिनेमा संस्कृति को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हुए। साल 2022 में INOX मल्टीप्लेक्स की शुरुआत ने 23 साल के लंबे अंतराल के बाद सिनेमाई दुनिया के दरवाजे फिर से खोले।

क्या आप जानते हैं?: श्रीनगर का INOX मल्टीप्लेक्स वर्तमान में पूरी कश्मीर घाटी का एकमात्र चालू आधुनिक सिनेमा हॉल है, जिसने दशकों बाद फिल्म संस्कृति की वापसी की नींव रखी है।

Frequently Asked Questions

1. अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जम्मू और कश्मीर (IFFJK) का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में सिनेमा संस्कृति को बढ़ावा देना, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रेरित करना और वैश्विक सिनेमा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर की छवि को सकारात्मक बनाना है।

2. कश्मीर में सिनेमा हॉल क्यों बंद हुए थे?
1990 के दशक में क्षेत्र में व्याप्त अस्थिरता और सुरक्षा कारणों से लगभग 15 सिनेमा हॉल बंद करने पड़े थे, जिससे घाटी में एक लंबा सिनेमाई शून्य पैदा हो गया था।