प्रसिद्ध संगीतकार एपी ढिल्लों ने संगीत उत्पादन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर अपने विचार साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने तकनीक को स्वीकार करने और इसके नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया है।

  • एपी ढिल्लों ने स्वीकार किया कि संगीत निर्माण में तकनीक और एआई अपरिहार्य हैं।
  • उन्होंने एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त 'एआई पुलिसिंग' और नियमन की मांग की।
  • कलाकार ने स्पष्ट किया कि प्रामाणिकता बनाए रखने वाले संगीतकारों को एआई से डरने की जरूरत नहीं है।

क्यूपर्टिनो में इंडिया टुडे के साथ एक विशेष साक्षात्कार के दौरान, वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध संगीतकार एपी ढिल्लों ने संगीत उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर अपनी बेबाक राय रखी। ढिल्लों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान युग में तकनीक के साथ मुकाबला करना संभव नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही रचनात्मक प्रक्रियाओं का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

ढिल्लों ने तर्क दिया कि संगीत निर्माण की प्रक्रिया पहले ही डिजिटल उपकरणों पर निर्भर हो चुकी है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे मैकबुक (MacBooks) और वर्चुअल इंस्ट्रूमेंट्स ने संगीत बनाने के पारंपरिक तरीकों को बदल दिया है। उनके अनुसार, एआई केवल उसी विकास क्रम का अगला चरण है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि संगीत उद्योग वर्तमान में एक वैचारिक युद्ध के बीच में है। जहां कुछ कलाकार एआई को रचनात्मकता की मृत्यु मान रहे हैं, वहीं एपी ढिल्लों जैसे आधुनिक कलाकार इसे एक उपकरण के रूप में देखते हैं। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि भविष्य का संगीत मानव भावना और मशीन की सटीकता का मिश्रण होगा।

"जब तक कलाकार अपनी मौलिकता और प्रामाणिकता को सुरक्षित रखते हैं, तब तक एआई उनके लिए खतरा नहीं बल्कि एक सहायक उपकरण है।"

हालांकि, ढिल्लों ने तकनीक के अंधाधुंध उपयोग पर चेतावनी भी जारी की। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई के कारण कॉपीराइट और मौलिकता के मुद्दे पैदा हो सकते हैं, इसलिए 'एआई पुलिसिंग' और सख्त नियमों की तत्काल आवश्यकता है ताकि कलाकारों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

साक्षात्कार के अंत में, उन्होंने अपने प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खबर साझा की। ढिल्लों ने पुष्टि की कि उनका एक नया एल्बम जल्द ही आने वाला है और वह अक्टूबर में भारत का दौरा करेंगे, जिससे उनके भारतीय प्रशंसकों में भारी उत्साह है।

क्या आप जानते हैं?: एआई अब ऐसे संगीत ट्रैक बना सकता है जो किसी विशिष्ट कलाकार की आवाज और शैली की हूबहू नकल कर सकते हैं, जिसे 'डीपफेक ऑडियो' कहा जाता है।

Frequently Asked Questions

क्या एपी ढिल्लों एआई के खिलाफ हैं?
नहीं, वह तकनीक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वह इसके उचित नियमन और पुलिसिंग के पक्ष में हैं।

एपी ढिल्लों भारत कब आ रहे हैं?
उन्होंने पुष्टि की है कि वह अक्टूबर में भारत का दौरा करेंगे।