अभिनेता सलमान खान द्वारा अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां फिल्म निर्माताओं ने स्वीकार किया कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है।
- फिल्म 'काला हिरण' अभी सेंसर बोर्ड (CBFC) से प्रमाणित नहीं हुई है।
- दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्माताओं को 14 सितंबर तक रिलीज की तारीख बताने का निर्देश दिया है।
- सलमान खान ने फिल्म में अपनी पहचान और विशिष्ट विशेषताओं के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग का आरोप लगाया है।
दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान, फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल' के निर्माताओं ने अदालत को सूचित किया कि फिल्म वर्तमान में रिलीज करने योग्य स्थिति में नहीं है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष यह बयान तब आया जब बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन दायर किया था।
निर्माता अमित जानी के वकील ने स्पष्ट किया कि फिल्म अभी तक सेंसर बोर्ड (CBFC) को प्रमाणन के लिए नहीं भेजी गई है और यहां तक कि फिल्म का ट्रेलर भी जारी नहीं किया गया है। अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्माताओं को दो सप्ताह के भीतर अपना औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this case is not just about a movie, but a landmark battle for 'Personality Rights' in India. When a celebrity's distinct attributes—like Salman Khan's famous bracelet or ear studs—are used without permission for commercial gain, it creates a legal precedent for how public figures can protect their identity against unauthorized cinematic portrayals.
सलमान खान के वकील ने अदालत में दलील दी कि फिल्म निर्माता पहले दावा कर रहे थे कि फिल्म सितंबर में रिलीज होगी, और यदि इसे बिना रोक के रिलीज किया गया, तो इससे अभिनेता की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति होगी। गौरतलब है कि जुलाई में कोर्ट ने पहले ही फिल्म के टीज़र और सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का अंतरिम आदेश दिया था।
"पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन तब होता है जब किसी व्यक्ति की विशिष्ट पहचान का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए उसकी सहमति के बिना किया जाता है, चाहे वह फिल्म हो या विज्ञापन।"
फिल्म निर्माताओं ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है और वे सार्वजनिक घटनाओं (जैसे काला हिरण विवाद) को मिटाने के लिए पर्सनैलिटी राइट्स का उपयोग नहीं कर सकते। हालांकि, सलमान खान ने अपनी याचिका में कहा कि उनका विरोध सार्वजनिक चर्चा से नहीं, बल्कि उनकी विशिष्ट पहचान के व्यावसायिक शोषण से है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बात करें तो, सलमान खान ने दिसंबर 2025 में अपनी छवि, नाम और व्यक्तित्व के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का पोस्टर भ्रामक है और इसमें उन्हें हथियार पकड़े हुए दिखाया गया है, जो कि मानहानिकारक है, क्योंकि वह राजस्थान की एक अदालत द्वारा शस्त्र अधिनियम के आरोपों से बरी हो चुके हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सलमान खान ने अदालत से क्या मांग की है?
उत्तर: उन्होंने फिल्म 'काला हिरण' की रिलीज पर रोक लगाने और अपनी पहचान (जैसे ब्रेसलेट और स्टाइल) के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग को बंद करने की मांग की है।
उत्तर: निर्माताओं का कहना है कि फिल्म बायोपिक नहीं है और यह सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद घटनाओं पर आधारित है, जिसे पर्सनैलिटी राइट्स के जरिए दबाया नहीं जा सकता।