इंसोमनिया गेम्स का नया वूल्वरिन टाइटल विजुअल और किरदार के मामले में तो जीत जाता है, लेकिन गेमप्ले और कॉम्बैट सिस्टम में वह जादू नहीं दिखा पाया जो स्पाइडर-मैन गेम्स में था।
- लियम मैकइंटायर ने लोगन के किरदार को जीवंत किया है और विजुअल्स शानदार हैं।
- कॉम्बैट सिस्टम दोहराव वाला है और इसमें रचनात्मकता की कमी है।
- ओपन वर्ल्ड के बजाय गेम काफी हद तक लीनियर (एकरेखीय) है।
- कहानी और इमोशनल आर्क में कुछ खामियां हैं, खासकर PTSD के चित्रण में।
इंसोमनिया गेम्स ने जब अपने स्पाइडर-मैन गेम्स के साथ सफलता के झंडे गाड़े, तो उम्मीदें स्वाभाविक रूप से Marvel's Wolverine से भी बहुत ज्यादा थीं। जहाँ स्पाइडर-मैन की दुनिया मैनहट्टन की जीवंतता और मुक्त भ्रमण के लिए जानी जाती थी, वहीं वूल्वरिन का यह सफर कुछ अलग और अधिक अंधकारमय है। गेम की शुरुआत लोगन के उस दौर से होती है जब वह X-Men की स्थापना से पहले अपनी पहचान खोज रहा होता है।
कहानी में हम देखते हैं कि लोगन, सेबरटूथ और मिस्टिक के साथ फिर से जुड़ता है जब उनके मेंटर नथानिएल एसेक्स का अपहरण बोलिवर ट्रैस्क नामक एक अरबपति द्वारा किया जाता है। यह सेटअप दिलचस्प है और इसमें वह सारा तनाव और हिंसा है जिसकी उम्मीद एक मार्वल फैन करता है। हालांकि, गेम की असली चुनौती इसके गेमप्ले में निहित है।
गेमप्ले की बात करें तो यह एक शुद्ध 'ब्रॉलर' है। खिलाड़ी डॉज, पैरी और श्रेड अटैक जैसे मूव्स का उपयोग कर सकते हैं। जैसे-जैसे आप XP अर्जित करते हैं, 'टोरनैडो स्पिन' और 'स्पाइरल स्ट्राइक' जैसे शक्तिशाली स्पेशल मूव्स अनलॉक होते हैं। सबसे खास है इसका थ्री-स्टेज रेज मीटर, जो पूरी तरह चार्ज होने पर लोगन को एक विनाशकारी मशीन में बदल देता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इंसोमनिया ने यहाँ एक सुरक्षित रास्ता चुना है। जबकि स्पाइडर-मैन में मूवमेंट एक कला थी, वूल्वरिन में कॉम्बैट 80 के दशक के 'बीट-एम-अप' गेम्स की याद दिलाता है। इसमें विविधता की कमी है और दुश्मन एक जैसे महसूस होते हैं, जिससे लंबे समय में गेम उबाऊ हो जाता है।
"वूल्वरिन का चरित्र चित्रण तो उत्कृष्ट है, लेकिन गेमप्ले की यांत्रिकता इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरी है।"
मैप डिजाइन के मामले में भी यह गेम निराश करता है। टोक्यो और मैड्रिपूर जैसे खूबसूरत शहरों को दिखाने के बावजूद, खिलाड़ियों को अदृश्य दीवारों और बंद रास्तों का सामना करना पड़ता है। यह एक 'ओपन वर्ल्ड' गेम नहीं, बल्कि सेट-पीस से सेट-पीस तक जाने वाला एक लीनियर अनुभव है।
किरदार के स्तर पर, लियम मैकइंटायर की परफॉरमेंस और एनिमेशन लाजवाब हैं। लोगन की कमजोरी और उसकी क्रूरता का संतुलन बखूबी दिखाया गया है। लेकिन कहानी के भावनात्मक हिस्सों, जैसे कि उसके अतीत के ट्रॉमा (PTSD) को केवल मिनी-चैलेंजेस और लॉर स्निपेट्स के जरिए समझाना, थोड़ा संवेदनहीन लगता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह गेम स्पाइडर-मैन गेम्स जैसा ओपन वर्ल्ड है?
नहीं, यह काफी हद तक लीनियर है और इसमें सीमित अन्वेषण की सुविधा है।
प्रश्न 2: गेम का सबसे मजबूत पक्ष क्या है?
इसका विजुअल आर्ट, लियम मैकइंटायर की वॉइस एक्टिंग और रेज मीटर मैकेनिक सबसे प्रभावशाली हैं।