निर्देशक निक्खिल आडवाणी ने प्राइम वीडियो की नई सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' के जरिए भारत के उन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी पेश की है, जिन्हें इतिहास के पन्नों में जगह नहीं मिली। उन्होंने बताया कि क्यों यह शो उनके पिछले काम की तुलना में अधिक तेज और एक्शन से भरपूर है।
- 'द रिवोल्यूशनरीज' संजीव सान्याल की पुस्तक पर आधारित एक एक्शन-ड्रामा सीरीज है।
- यह सीरीज राश बिहारी बोस और बाघा जतिन जैसे कम चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों पर केंद्रित है।
- निक्खिल आडवाणी ने इसे 'फ्रीडम एट मिडनाइट' की तुलना में अधिक तेज और जीवंत बनाया है।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता निक्खिल आडवाणी अपनी नई सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' के साथ वापस आए हैं, जो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होने जा रही है। यह सीरीज संजीव सान्याल की चर्चित पुस्तक 'Revolutionaries: The Other Story Of How India Won Its Freedom' का रूपांतरण है। इस शो के जरिए उन नायकों को सामने लाया गया है जिन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन मुख्यधारा के इतिहास में उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसके वे हकदार थे।
एक विशेष साक्षात्कार में, निक्खिल आडवाणी ने स्वीकार किया कि वह स्वयं इतिहास के प्रति उत्साही होने के बावजूद इन क्रांतिकारियों के बारे में बहुत कम जानते थे। उन्होंने कहा कि संजीव सान्याल की किताब पढ़ने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि यह एक बड़ी चूक है जिसे सुधारना आवश्यक है। उन्होंने इसे एक 'सुधार' के रूप में देखा और प्राइम वीडियो के सहयोग से इस कहानी को पर्दे पर उतारने का फैसला किया।
इस सीरीज की सबसे बड़ी विशेषता इसका ट्रीटमेंट है। जहाँ निक्खिल की पिछली सीरीज 'फ्रीडम एट मिडनाइट' गंभीर और धीमी गति की थी, वहीं 'द रिवोल्यूशनरीज' को एक 'स्वैशबकलिंग एक्शन ड्रामा' के रूप में पेश किया गया है। निर्देशक का मानना है कि यह कहानी युवाओं के जुनून, पागलपन और जज्बे की है, इसलिए इसे तेज गति वाला और जीवंत बनाना जरूरी था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म अब केवल राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे 'एक्शन-पीरियड ड्रामा' की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव न केवल युवा दर्शकों को आकर्षित करता है, बल्कि इतिहास के उन पहलुओं को भी उजागर करता है जो पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों में नहीं मिलते।
"जब भी आपको लगे कि कुछ बहुत ज्यादा बॉलीवुड जैसा है, तो वास्तविक घटनाओं को गूगल करें; आप पाएंगे कि वास्तविकता और भी अधिक चौंकाने वाली है।" - संजीव सान्याल
प्राइम वीडियो की शिलंगी मुखर्जी ने निक्खिल आडवाणी की कहानी कहने की क्षमता और उनके शिल्प की सराहना की। उन्होंने बताया कि एक सफल पुस्तक को स्क्रीन पर उतारने के लिए जिस बारीकी और विजन की जरूरत होती है, वह निक्खिल के पास है। वहीं, लेखक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने स्पष्ट किया कि यह कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं है, बल्कि एक सिनेमाई प्रस्तुति है, जिसमें जासूसी, विश्वासघात और वीरता के वास्तविक तत्वों को पिरोया गया है।
इस सीरीज में भुवन बाम, रोहित सराफ, प्रतिभा रंता और गुरफतेह पिर्जादा जैसे युवा कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं, जो इसे आधुनिक पीढ़ी के लिए और भी प्रासंगिक बनाते हैं। निक्खिल आडवाणी, जिन्होंने 'बटला हाउस' और 'रॉकेट बॉयज' जैसी फिल्में और शो दिए हैं, एक बार फिर यह साबित कर रहे हैं कि तथ्य अक्सर कल्पना से अधिक विचित्र और रोमांचक होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'द रिवोल्यूशनरीज' सीरीज किस पुस्तक पर आधारित है?
यह सीरीज संजीव सान्याल की पुस्तक 'Revolutionaries: The Other Story Of How India Won Its Freedom' पर आधारित है।
2. इस सीरीज में किन स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी दिखाई गई है?
इसमें मुख्य रूप से राश बिहारी बोस, बाघा जतिन, सचिंद्र नाथ सान्याल और प्रतिभा लाहिरी जैसे गुमनाम नायकों को दिखाया गया है।