प्रसिद्ध अभिनेता और डबिंग आर्टिस्ट शोबी थिलकन ने अपनी आवाज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपने सख्त खान-पान और अनुशासन के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे बिरयानी और लस्सी जैसे पसंदीदा खाद्य पदार्थ उनके पेशेवर जीवन में बाधा बन सकते हैं।
- शोबी थिलकन अपनी आवाज की शुद्धता बनाए रखने के लिए बिरयानी और लस्सी जैसे खाद्य पदार्थों से परहेज करते हैं।
- घी और डेयरी उत्पाद उनके गले में 'लिप नॉइज़' और डिहाइड्रेशन पैदा करते हैं, जो डबिंग के लिए हानिकारक है।
- वर्षों बाद उन्होंने नवी मुंबई की यात्रा के दौरान अपनी पसंदीदा लस्सी का स्वाद चखा।
मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता थिलकन के बेटे शोबी थिलकन ने न केवल अपनी अभिनय क्षमता बल्कि अपनी मधुर और प्रभावशाली आवाज से भी दर्शकों का दिल जीता है। वह वर्तमान में मलयालम फिल्म उद्योग के सबसे व्यस्त डबिंग कलाकारों में से एक हैं, जो फिल्मों, एनिमेशन और विदेशी भाषा के डबिंग प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हैं।
हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, शोबी ने डबिंग स्टूडियो में बिताए अपने समय और अपनी आवाज को सुरक्षित रखने के लिए अपनाए गए कड़े नियमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साझा किया कि एक पेशेवर डबिंग आर्टिस्ट के लिए उसकी आवाज ही उसकी सबसे बड़ी संपत्ति होती है, और इसे बनाए रखने के लिए उन्हें कई व्यक्तिगत बलिदान देने पड़े हैं।
बिरयानी और पायसम से दूरी
शोबी ने बताया कि हर व्यक्ति की शारीरिक संरचना अलग होती है। जहाँ कुछ लोग आइसक्रीम खाकर भी सामान्य रह सकते हैं, वहीं उनके लिए डेयरी उत्पाद और अत्यधिक वसायुक्त भोजन समस्या पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, "बिरयानी जैसी चीजें मैं खा ही नहीं सकता। घी और तेल युक्त भोजन से शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, जिससे डबिंग के दौरान 'लिप नॉइज़' (होंठों की चिपचिपाहट वाली आवाज) आने लगती है।"
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह सद्य (पारंपरिक दावत) या पायसम (खीर) खाने के दिन डबिंग के लिए नहीं जाते क्योंकि इससे उनकी ऊर्जा का स्तर प्रभावित होता है और आवाज की स्पष्टता कम हो जाती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the technicality of voice acting is often underestimated. The physiological impact of mucus-inducing foods (like dairy and heavy fats) can significantly alter the resonance and clarity of a voice artist's delivery, making strict dietary discipline a professional necessity rather than a choice.
"एक डबिंग कलाकार के लिए उसका गला एक वाद्य यंत्र की तरह होता है, जिसे हर समय ट्यून रहना चाहिए।"
लस्सी के साथ पुराना रिश्ता और विरह
शोबी ने अपनी कॉलेज के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें लस्सी और शारजाह शेक बेहद पसंद थे। कॉलेज में कैरम बोर्ड खेलते समय वे अक्सर इन पेय पदार्थों पर शर्त लगाया करते थे। हालांकि, जब उन्होंने डबिंग को अपना करियर बनाया, तो उन्होंने अपनी पसंदीदा लस्सी को पूरी तरह त्याग दिया। उन्होंने बताया कि वर्षों के अंतराल के बाद, हाल ही में नवी मुंबई की एक पारिवारिक यात्रा के दौरान उन्हें फिर से लस्सी पीने का मौका मिला।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: शोबी थिलकन बिरयानी क्यों नहीं खाते?
उत्तर: बिरयानी में मौजूद घी और वसा से डिहाइड्रेशन और लिप नॉइज़ की समस्या होती है, जो डबिंग की गुणवत्ता को खराब करती है।
प्रश्न 2: शोबी थिलकन का मुख्य पेशा क्या है?
उत्तर: वह एक अभिनेता होने के साथ-साथ मलयालम सिनेमा के एक प्रमुख डबिंग आर्टिस्ट भी हैं।