बेंगलुरु जल्द ही कला के एक नए रूप का गवाह बनेगा, जहाँ LURU स्क्रीनडांस फेस्टिवल के माध्यम से नृत्य की तरलता और सिनेमाई सटीकता का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा।
- LURU 2026 बेंगलुरु का पहला समर्पित स्क्रीनडांस फेस्टिवल है, जिसे विश्वकिरण नम्बी ने क्यूरेट किया है।
- इस कार्यक्रम में 30 देशों की वैश्विक प्रविष्टियां शामिल हैं, जो कोरियोग्राफी को सिनेमाई तकनीकों के साथ जोड़ती हैं।
- फेस्टिवल में सार्वजनिक स्क्रीनिंग, ऑनलाइन पैनल चर्चा और शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रम शामिल हैं।
बेंगलुरु का सांस्कृतिक परिदृश्य एक क्रांतिकारी बदलाव देखने जा रहा है। 12 से 19 सितंबर, 2026 तक, शहर में LURU स्क्रीनडांस फेस्टिवल के पहले संस्करण का आयोजन किया जाएगा। प्रसिद्ध नर्तक-कोरियोग्राफर विश्वकिरण नम्बी द्वारा conceived और क्यूरेट किया गया यह आयोजन, 'विश्वकिरण नम्बी डांस कंपनी' और कोरियोस्कोप बार्सिलोना डांस फिल्म फेस्टिवल के सहयोग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
स्क्रीनडांस केवल मंच पर हो रहे नृत्य को कैमरे में कैद करना नहीं है; यह एक अलग माध्यम है जहाँ कैमरा स्वयं एक कोरियोग्राफर की भूमिका निभाता है। नम्बी के अनुसार, LURU का उद्देश्य यह खोजना है कि कैसे कैमरा स्थान (space) को बदलता है, एडिटिंग समय (time) को नया आकार देती है, और प्रकाश व ध्वनि मिलकर एक नई कोरियोग्राफिक भाषा का निर्माण करते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में एक समर्पित स्क्रीनडांस फेस्टिवल की शुरुआत बहु-विषयक कला (multidisciplinary art) की ओर एक बड़ा कदम है। पारंपरिक 'डांस वीडियो' से हटकर 'डांस सिनेमा' की ओर बढ़ना भारत को वैश्विक कला प्रवृत्तियों के करीब लाता है। यह स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं और नर्तकों को ऐसे कथात्मक प्रयोग करने का अवसर देता है जो लाइव थिएटर में संभव नहीं हैं।
फेस्टिवल की शुरुआत सुचित्रा सिनेमा एंड कल्चरल एकेडमी में 12 लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ होगी। अमेरिका, स्विट्जरलैंड, स्पेन, इटली और चेकिया जैसे देशों के स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं की ये फिल्में 4 से 15 मिनट की होंगी। हालांकि अधिकांश फिल्में समकालीन नृत्य (contemporary dance) पर आधारित हैं, लेकिन इसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य पर भी एक फिल्म शामिल है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सेतु का काम करेगी।
"स्क्रीनडांस एक ऐसी स्थिति में है जो नृत्य और सिनेमा के बीच झूलती है—यह नृत्य का हिस्सा है, लेकिन पूरी तरह नहीं; यह सिनेमा का हिस्सा है, लेकिन बिल्कुल नहीं।"
स्क्रीनिंग के अलावा, LURU में एक समृद्ध बौद्धिक कार्यक्रम भी है। 'भारत में स्क्रीनडांस का वर्तमान और भविष्य' और 'कल्पना: नृत्य, सिनेमा और इतिहास' जैसे ऑनलाइन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उदय शंकर के ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा होगी। इस उद्घाटन संस्करण को 30 देशों से कुल 108 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं, जो इसकी वैश्विक अपील को दर्शाता है।
फेस्टिवल का अंतिम चरण शिक्षा और सामुदायिक पहुंच पर केंद्रित है। कॉलेज और स्कूल स्क्रीनिंग के साथ-साथ 'LURU × कोरियोस्कोप आर्टिस्ट्स गैदरिंग' का आयोजन किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के रचनाकारों को इस कला रूप से जोड़ा जा सके। यह शैक्षिक प्रयास भारत में स्क्रीनडांस के अभ्यासकर्ताओं का एक घरेलू समुदाय बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: आम जनता LURU फेस्टिवल के कार्यक्रमों में कैसे शामिल हो सकती है?
उत्तर: उद्घाटन स्क्रीनिंग एक सार्वजनिक कार्यक्रम है। ऑनलाइन चर्चाओं और कलाकारों के संवाद के लिए, इच्छुक प्रतिभागियों को [email protected] पर ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से RSVP करना होगा।
प्रश्न: LURU एक सामान्य फिल्म फेस्टिवल से कैसे अलग है?
उत्तर: सामान्य फेस्टिवल के विपरीत, LURU विशेष रूप से सिनेमा की 'कोरियोग्राफिक भाषा' पर केंद्रित है, जहाँ एडिटिंग और फ्रेमिंग को शारीरिक गति के समान ही महत्वपूर्ण माना जाता है।