केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने छह साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी पहली बोर्ड बैठक आयोजित की है, जिसमें फिल्म समीक्षा पैनल की पारदर्शिता और नए प्रमाणन नियमों पर गहन चर्चा हुई।

  • CBFC ने 6 साल बाद अपनी पहली बोर्ड बैठक आयोजित की।
  • रिवीजिंग कमेटी के प्रमुखों की सूची की मांग की गई ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
  • 2024 के नए प्रमाणन नियमों और आयु-आधारित श्रेणियों (UA 7+, 13+, 16+) पर चर्चा हुई।
  • बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति 2017 के बाद से आधिकारिक तौर पर नहीं की गई थी।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), जिसे आम तौर पर सेंसर बोर्ड के रूप में जाना जाता है, ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए छह साल के अंतराल के बाद अपनी 149वीं बैठक आयोजित की। यह बैठक नए अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति के कार्यभार संभालने के बाद पहली बार बुलाई गई। बैठक का मुख्य केंद्र उन सदस्यों की पहचान करना था जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में 'रिवीजिंग कमेटी' (Revising Committee) का नेतृत्व किया है।

गौरतलब है कि रिवीजिंग कमेटी वह पैनल होता है जो तब हस्तक्षेप करता है जब फिल्म निर्माता या बोर्ड स्वयं 'एग्जामिनिंग कमेटी' के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते। एक पूर्व जांच में यह खुलासा हुआ था कि बोर्ड के केवल तीन सदस्यों ने अधिकांश रिवीजिंग कमेटियों का नेतृत्व किया था, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में, वर्तमान सदस्यों ने अब उन नामों की आधिकारिक सूची मांगी है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि सेंसर बोर्ड की यह लंबी निष्क्रियता भारतीय फिल्म उद्योग और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच एक गहरा तनाव पैदा करती है। जब निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था छह साल तक नहीं मिलती, तो प्रमाणन की प्रक्रिया मनमानी और अपारदर्शी हो जाती है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक सुधार की कोशिश है, बल्कि फिल्म उद्योग के साथ बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने का एक प्रयास भी है।

"सेंसर बोर्ड की छह साल की चुप्पी यह दर्शाती है कि संस्थागत जवाबदेही पूरी तरह से गायब थी, जिससे फिल्म निर्माताओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी।"

बैठक के दौरान सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियम 2024 पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसने 1983 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित किया है। नए नियमों के तहत, अब UA श्रेणी को तीन उप-श्रेणियों में विभाजित किया गया है: UA 7+, UA 13+, और UA 16+। सदस्यों ने 16 वर्ष और 18 वर्ष के प्रमाणन के बीच के सूक्ष्म अंतर पर और अधिक स्पष्टीकरण की मांग की है।

ऐतिहासिक रूप से, CBFC बोर्ड को हर तिमाही में मिलना अनिवार्य है, लेकिन यह नियम लंबे समय से नजरअंदाज किया गया। 12 सदस्यीय बोर्ड की पिछली बैठक 31 अगस्त 2019 को हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि 2017 के बाद से किसी भी सदस्य की आधिकारिक पुनर्नियुक्ति नहीं की गई थी, जबकि उनका कार्यकाल केवल तीन वर्ष का था।

क्या आप जानते हैं?: CBFC का गठन वास्तव में फिल्मों को 'सेंसर' करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें 'प्रमाणित' (Certify) करने के लिए किया गया था, ताकि दर्शकों को सामग्री के बारे में पहले से जानकारी मिल सके।
विशेषता पुराने नियम (1983) नए नियम (2024)
UA श्रेणी एकल UA श्रेणी UA 7+, 13+, 16+ में विभाजित
बैठक की आवृत्ति अनियमित अनिवार्य तिमाही बैठकें
प्रमाणन आधार सामान्य आयु सीमा विशिष्ट आयु-आधारित श्रेणियां

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रिवीजिंग कमेटी क्या होती है?
उत्तर: यह एक विशेष पैनल है जो तब फिल्म की समीक्षा करता है जब फिल्म निर्माता या बोर्ड मूल प्रमाणन निर्णय से असहमत होते हैं।

प्रश्न 2: नए 2024 नियमों में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?
उत्तर: सबसे बड़ा बदलाव UA श्रेणी का तीन अलग-अलग आयु समूहों (7+, 13+, 16+) में विभाजन है।