राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार इस साल दिल्ली के बजाय गुजरात के केवड़िया में आयोजित होंगे। इस बदलाव पर विवाद के बीच, अनुभवी अभिनेता परे श राव ने इस निर्णय का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने राजनीतिक आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि गुजरात भारत का हिस्सा है और हर राज्य में समारोह होना चाहिए।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में दिल्ली के बजाय गुजरात में आयोजित होंगे।
- विनोद अभिनेता परे श राव ने इस बदलाव को "गुजरात पाकिस्तान में नहीं है" कहकर बचाव किया।
- राजनीतिक टिप्पणीकारों ने इस निर्णय को राजनीति का साधन कहा, पर राव ने इसे राष्ट्रीय एकता के रूप में पेश किया।
पृष्ठभूमि
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर को केवड़िया, गुजरात में तय हुआ है। यह स्थानांतरण 1954 में पहली बार स्थापित हुए इस समारोह को दिल्ली के विज्ञान भवन से हटाकर किया गया है। पिछले बार जब पुरस्कार राष्ट्रीय राजधानी से बाहर गए थे, वह 1971 में चेन्नई में हुआ था। केवड़िया, जिसे एकता नगर भी कहा जाता है, भारत की सबसे ऊँची प्रतिमा—यूनिटी स्टैच्यू—का घर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में उद्घाटन किया था।
परेश राव का बयान
एक मीडिया इंटरव्यू में परे श राव ने कहा, "गुजरात क्या बांग्लादेश में है, पाकिस्तान में है? गुजरात तो हमारे देश का ही हिस्सा है। गुजरात में ज़रूर होना चाहिए।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि "राजनीति का काम है सवाल उठाना," और 26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है, इसलिए "हर फ़ंक्शन हर राज्य में होना चाहिए"।
विवाद के प्रमुख बिंदु
कुछ राजनेता और फिल्म उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस निर्णय को राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताया, यह तर्क देते हुए कि दिल्ली को राष्ट्रीय मंच के रूप में बनाए रखना चाहिए। दूसरी ओर, कई कलाकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ इस बदलाव को भारत के विविध राज्यों को सम्मान देने का अवसर मानते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that shifting a prestigious national event to Gujarat not only decentralizes cultural celebrations but also aligns with the government's broader "हर राज्य में महान कार्यक्रम" पहल, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलता है और राष्ट्रीय एकता को नई दिशा मिलती है।
"स्थानीय मंचों पर राष्ट्रीय पुरस्कारों का आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करने का एक रणनीतिक कदम है," कहते हैं फिल्म इतिहासकार डॉ. रवीना शेख़.
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस बदलाव से पुरस्कारों की महत्ता कम होगी?
उत्तर: नहीं, पुरस्कारों की मान्यता और मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है; केवल स्थल बदल गया है।
प्रश्न 2: केवड़िया में समारोह के लिए कौन-कौन से सुविधाएँ तैयार की गई हैं?
उत्तर: यूनिटी स्टैच्यू परिसर में नई इवेंट हॉल, हाई-टेक साउंड सिस्टम और विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है।