निर्देशक श्रीनिधि बेंगलुरु और अभिनेता-निर्माता दीक्षित शेट्टी ने अपनी नई फिल्म 'वीडियो' के माध्यम से कन्नड़ सिनेमा में 'फाउंड-फुटेज' हॉरर शैली को वापस लाने का साहसिक प्रयास किया है।

  • फिल्म 'वीडियो' एक 'फाउंड-फुटेज' हॉरर थ्रिलर है जो आधुनिक दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
  • निर्देशक श्रीनिधि बेंगलुरु ने 'ब्लिंक' और 'जेरैक्स' जैसे अनूठे प्रोजेक्ट्स के बाद इस नए प्रयोग को चुना है।
  • फिल्म की शूटिंग के दौरान GoPro और Sony जैसे विभिन्न कैमरों का उपयोग किया गया ताकि वास्तविकता बनी रहे।

कन्नड़ फिल्म उद्योग के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय में, जहां सफलता दर कम हो रही है, निर्देशक श्रीनिधि बेंगलुरु और अभिनेता-निर्माता दीक्षित शेट्टी ने एक साहसिक कदम उठाया है। उनकी नई फिल्म 'वीडियो' (Video), जो 11 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है, कन्नड़ सिनेमा में एक मृतप्राय शैली—'फाउंड-फुटेज हॉरर'—को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखती है।

फाउंड-फुटेज शैली का इतिहास भारत में 2013 की फिल्म '6-5=2' से काफी प्रभावित रहा है, जिसने दर्शकों के बीच एक हलचल पैदा की थी। 'वीडियो' के माध्यम से, मेकर्स उसी रोमांच को नए जमाने के दर्शकों और नई तकनीक के साथ पेश करना चाहते हैं। फिल्म की कहानी ओडिशा के एक डरावने स्कूल के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां कुछ युवा अपने यूट्यूब चैनल की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए जाते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कन्नड़ फिल्म उद्योग अब केवल पारंपरिक कहानियों तक सीमित नहीं रहना चाहता। 'वीडियो' जैसे प्रयोग यह दर्शाते हैं कि क्षेत्रीय सिनेमा अब वैश्विक स्तर पर प्रचलित 'फाउंड-फुटेज' (जैसे 'द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट') जैसी शैलियों को अपनाने के लिए तैयार है, जो जोखिम भरी होने के बावजूद दर्शकों को एक नया अनुभव प्रदान करती हैं।

'फाउंड-फुटेज' शैली में कैमरा केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि कहानी का एक पात्र बन जाता है।

फिल्म के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए, श्रीनिधि बेंगलुरु ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक लाइटिंग के बजाय टॉर्च की रोशनी और हवा में उड़ते धूल के कणों का उपयोग किया ताकि दृश्य अधिक वास्तविक और डरावने लगें। इसके अलावा, अभिनेता-निर्माता दीक्षित शेट्टी ने बताया कि फिल्म का संपादन (Editing) एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि संपादक संजीव जागीरदार को 12 अलग-अलग प्रकार के कैमरों से प्राप्त फुटेज को जोड़ना पड़ा।

निर्देशक ने यह भी साझा किया कि नए अभिनेताओं के साथ काम करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उन्हें पता नहीं था कि कैमरा कहाँ रखा है, जिससे उन्हें 'इन-फोकस' रहने में कठिनाई हुई। हालांकि, इसी अनिश्चितता ने फिल्म में वह 'बेचैनी' पैदा की जो एक हॉरर फिल्म के लिए आवश्यक है।

Did You Know?: 'फाउंड-फुटेज' शैली में ऐसा दिखाया जाता है कि पूरी फिल्म किसी के द्वारा छोड़े गए वास्तविक वीडियो रिकॉर्डिंग से बनी है।

Frequently Asked Questions

1. 'वीडियो' फिल्म किस शैली की है?
यह एक 'फाउंड-फुटेज' हॉरर थ्रिलर है, जो वास्तविक दिखने वाले वीडियो फुटेज पर आधारित है।

2. फिल्म की कहानी का मुख्य आधार क्या है?
कहानी कुछ यूट्यूबर्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो ओडिशा के एक कथित डरावने स्कूल में शूटिंग करने जाते हैं।