निर्देशक-निर्माता नाम्रता सिंह ने खुलासा किया कि फिल्म ने ऑस्कर दायर करने की समय सीमा चूक दी। टीम की भाषा विस्तार और प्रमोशन पर ध्यान केंद्रित होने के कारण यह निर्णय लिया गया।
- समय सीमा चूकने से फिल्म का ऑस्कर नामांकन नहीं हुआ।
- टीम ने तुर्की, तमिल, और अन्य भाषाओं में डबिंग पर काम जारी रखा।
- बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलता के बावजूद OTT डील के अफवाहें खारिज।
पृष्ठभूमि
सप्ताह 7 सितंबर को दायर करने की अंतिम तिथि के बाद, निर्माता नाम्रता सिंह ने बताया कि हनुमानांश ने ऑस्कर के लिए भारत का आधिकारिक नामांकन नहीं भेजा। फिल्म, जो अगस्त 7 को रिलीज़ हुई, ने अपनी कहानी के साथ भारतीय स्वतंत्रता काल के एक युवा की आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाया है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ऑस्कर नामांकन की कमी का असर भारतीय सिनेमा के वैश्विक मान्यता पर पड़ता है। जबकि फिल्म ने घरेलू स्तर पर 2.29 करोड़ रुपये का सकल संग्रह किया है, इसकी अंतरराष्ट्रीय अपील को बढ़ाने के लिए समय पर नामांकन आवश्यक था।
"फिल्म के लिए भाषा विविधता और पहुँच को प्राथमिकता देना एक रणनीतिक निर्णय है, परंतु यह अंतरराष्ट्रीय मंच से चूकने का कारण भी बन सकता है," कहते हैं फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ।
डबिंग और पहुँच पर काम
टीम ने पहले तमिल में डबिंग कर ली है और आगामी चरणों में अन्य भाषाओं में अनुकूलन जारी रखेगी। इसके अलावा, वे विकलांग दर्शकों के लिए सबटाइटल और ऑडियो वर्णन पर काम कर रहे हैं।
बॉक्स ऑफिस और OTT विवाद
साकिनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, 38 दिन बाद घरेलू शुद्ध संग्रह 0.94 करोड़ रुपये रहा, कुल शुद्ध 1.94 करोड़ रुपये। 100 करोड़ रुपये की OTT डील की अफवाहों को निर्माता रगिनी सोन ने झूठा बताया।
Frequently Asked Questions
1. क्या 'हनुमानांश' को ऑस्कर के लिए नामित किया गया था? नहीं, समय सीमा चूक जाने के कारण नामांकन नहीं हुआ।
2. क्या फिल्म का कोई OTT डील है? वर्तमान में कोई आधिकारिक डील नहीं है, और रगिनी सोन ने अफवाहों को खारिज किया है।