इज़राइल के संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने वेंडी फिल्म फेस्टिवल में विशेष जूरी पुरस्कार जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री ‘नाज़ा’ के निर्माताओं यूवॉल अब्राहम और रेचल ज़ोर को देशद्रोह का आरोप लगाते हुए उनकी नागरिकता रद्द करने की धमकी दी। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म समुदाय और अधिकार समूहों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर दी है।

  • संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने फिल्म को ‘देशद्रोह’ कहा।
  • निर्माताओं यूवॉल अब्राहम और रेचल ज़ोर की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
  • ‘नाज़ा’ ने वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विशेष जूरी पुरस्कार जीतकर वैश्विक चर्चा को जन्म दिया।

घटना की रूपरेखा

इज़राइल के संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने 83वें वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ‘नाज़ा’ डॉक्यूमेंट्री को “देश के खिलाफ द्रोह” का आरोप लगाते हुए इस फिल्म के दो निर्माताओं—यूवॉल अब्राहम और रेचल ज़ोर—की नागरिकता रद्द करने की धमकी दी। यह टिप्पणी उन्होंने ट्विटर (X) पर की, जहाँ उन्होंने कहा कि वह इस कदम को लागू करेंगे।

‘नाज़ा’ डॉक्यूमेंट्री का सार

‘नाज़ा’, 80 मिनट लंबी डॉक्यूमेंट्री, इज़राइल की सैन्य और खुफिया एजेंसियों के 24 गुप्त स्रोतों के गवाहियों को प्रस्तुत करती है। फिल्म में बताया गया है कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और टेली-कम्यूनिकेशन डेटा का उपयोग करके गाज़ा में लक्ष्य पहचान और हमले किए जाते हैं, जिसमें कभी‑कभी सैकड़ों नागरिकों की जान जोखिम में पड़ती है।

सरकारी प्रतिक्रिया

ज़ोहर ने अपनी पोस्ट में कहा, “यह फिल्म राज्य के खिलाफ गद्दारी है।” इस बयान के बाद दाएँ‑पंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन‑ग्विर और पूर्व प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने भी फिल्म को “रक्त‑लिबल” और “अंतर्मन में नफ़रत” कह कर निंदा की। इज़राइल सेना ने डॉक्यूमेंट्री की सामग्री को असत्य बताया, यह कहा कि स्रोतों की पहचान सत्यापित नहीं की जा सकती और हमले के निर्णय मानव द्वारा किए जाते हैं, न कि AI द्वारा।

नागरिकता रद्द करने का कानूनी ढांचा

इज़राइल के कानून में नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया केवल तब लागू होती है जब व्यक्ति की निष्ठा में गंभीर कमी, जासूसी या देशद्रोह सिद्ध हो। इस प्रक्रिया में केवल संस्कृति मंत्री नहीं, बल्कि अन्य सरकारी अधिकारियों और न्यायिक अनुमोदन की आवश्यकता होती है, और यह अधिकार बहुत ही दुर्लभ रूप से प्रयोग किया गया है।

निर्माताओं की पिछली उपलब्धियां

यूवॉल अब्राहम और रेचल ज़ोर ने पहले ‘नो अदर लैंड’ डॉक्यूमेंट्री के साथ 2025 में ऑस्कर जीतकर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की थी। इस फिल्म ने भी इज़राइल‑फिलिस्तीन संघर्ष पर गहरी चर्चा को जन्म दिया था, जिससे ‘नाज़ा’ की सफलता और विवाद दोनों को एक नई ऊँचाई मिली।

Historical Background

इज़राइल में फिल्म निर्माताओं पर सरकारी दबाव का इतिहास कई दशकों से रहा है। 1970 के दशक में ‘सिनेमाई प्रतिबंध अधिनियम’ के तहत कई फिल्में प्रतिबंधित हुईं, जबकि 2000 के बाद ‘न्यू इज़राइली सिनेमा’ ने सामाजिक‑राजनीतिक मुद्दों को उजागर करने की कोशिश की, अक्सर राज्य की आलोचना के साथ। ‘नाज़ा’ इस परिप्रेक्ष्य में वह बिंदु दर्शाती है जहाँ कला, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानदंड टकराते हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस प्रकार की सरकारी कार्रवाई न केवल इज़राइली फिल्म उद्योग को डरावनी स्थिति में डालती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल की छवि को भी नुकसान पहुँचाती है, जहाँ स्वतंत्र अभिव्यक्ति की सीमाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

“यदि सरकार डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को दंडित करने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह इज़राइल की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धताओं पर गंभीर प्रश्न उठाता है।” – डॉ. एमी लेविन, मानवाधिकार विशेषज्ञ
Did You Know?: ‘नाज़ा’ को वेनिस में केवल एक ही डॉक्यूमेंट्री के रूप में गोल्डन लायन के लिए नामांकित किया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इज़राइल में नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया में कौन‑कौन से कदम शामिल होते हैं?

उत्तर: इस प्रक्रिया में सुरक्षा मंत्रालय, न्यायालय की अनुमति और अंततः संसद की स्वीकृति की आवश्यकता होती है, और यह बहुत ही दुर्लभ रूप से लागू किया गया है।

प्रश्न 2: अंतरराष्ट्रीय फिल्म समुदाय ने ‘नाज़ा’ पर कैसे प्रतिक्रिया दी है?

उत्तर: कई फिल्म फेस्टिवल और सिनेमा संगठनों ने इस डॉक्यूमेंट्री की सराहना की है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक माना है, जबकि कुछ देशों ने इस पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।