फ्रॉमसॉफ्टवेयर के मास्टरपीस 'सेकिरो: शैडोज़ डाई ट्वाइस' का एनिमे रूपांतरण 'सेकिरो: नो डिफीट' जापानी सिनेमाघरों में रिलीज हो गया है, लेकिन यह फिल्म एक बिखरी हुई और निराशाजनक कहानी पेश करती है।
- फिल्म का विजुअल स्टाइल उकियो-ए और सुमी-ए कला से प्रेरित है, जो देखने में सुंदर है।
- दो घंटे की समय सीमा के कारण कहानी बहुत ज्यादा संकुचित और अधूरी महसूस होती है।
- एक्शन दृश्यों में वह गहराई और वजन नहीं है जो मूल गेम में था।
- गेम के प्रशंसकों के लिए यह एक अलग अनुभव के बजाय एक कमजोर संस्करण जैसा लगता है।
फ्रॉमसॉफ्टवेयर का 2019 का गेम Sekiro: Shadows Die Twice एक अनूठा अनुभव था। इसने डार्क सोल्स की डार्क फैंटेसी को छोड़कर प्राचीन जापान के समुराई युद्धों की दुनिया को पेश किया था। गेम की कहानी एक हाथ वाले समुराई, Wolf, और कुलीन वंश के उत्तराधिकारी, Kuro, के इर्द-गिर्द घूमती है। जब इस गेम के एनिमे रूपांतरण की घोषणा की गई, तो प्रशंसकों में भारी उत्साह था, लेकिन हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Sekiro: No Defeat उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके विजुअल्स हैं। यह गेम की खुरदरी वास्तविकता को छोड़कर एक अधिक अमूर्त और चित्रमय शैली अपनाती है। फिल्म का लुक पारंपरिक जापानी ukiyo-e और sumi-e कला की याद दिलाता है, जिससे ऐसा महसूस होता है जैसे कोई पुरानी पौराणिक कथा सुनाई जा रही हो। तकनीकी रूप से, एनिमेशन काफी प्रभावशाली है, लेकिन यह कहानी की कमी को पूरा नहीं कर पाता।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब कोई लोकप्रिय वीडियो गेम एनिमे में बदलता है, तो उसे या तो गेम के अनुभव को दोहराना चाहिए या एक नई कहानी बुननी चाहिए। 'सेकिरो: नो डिफीट' ने कहानी को विस्तार देने की कोशिश तो की, लेकिन दो घंटे की फिल्म की समय सीमा ने इसे एक 'विगनेट' (छोटे दृश्यों के संग्रह) में बदल दिया, जिससे कहानी का प्रवाह टूट गया।
एनिमे रूपांतरण में सबसे बड़ी चुनौती गेम की इंटरैक्टिविटी को बिना बोर किए एक पैसिव मीडियम में ढालना है, जिसमें यह फिल्म विफल रही।
फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसकी गति (pacing) है। गेम में जहाँ एक्शन और कहानी का संतुलन था, वहीं फिल्म में एक्शन बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। युद्ध के दृश्य प्रभावशाली तो हैं, लेकिन उनमें वह वजन या खतरा महसूस नहीं होता जो गेम के बॉस फाइट्स में मिलता था। दुश्मनों को पर्याप्त बैकस्टोरी न मिलने के कारण, उनके खिलाफ लड़ाई बेजान लगती है।
यदि आप गेम से परिचित नहीं हैं, तो कहानी का बहुत सा हिस्सा भ्रमित करने वाला हो सकता है। और यदि आप गेम के बड़े प्रशंसक हैं, तो यह फिल्म आपको एक बेहतर विकल्प के बजाय एक कमजोर और अधूरी कहानी का अनुभव कराएगी।
Frequently Asked Questions
1. क्या मैं यह फिल्म देखूं अगर मैंने गेम नहीं खेला है?
संभवतः नहीं, क्योंकि कहानी काफी जटिल है और बिना बैकग्राउंड के इसे समझना मुश्किल हो सकता है।
2. क्या एनिमे सीरीज बेहतर होगी?
हाँ, क्योंकि क्रंचीरोल पर आने वाली सीरीज के पास कहानी को विस्तार देने के लिए अधिक समय होगा।