दिग्गज बॉलीवुड गीतकार समीर अनजान ने रणवीर सिंह की एक्शन फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' के निर्माताओं पर हिंसक दृश्यों के दौरान प्रतिष्ठित गानों का उपयोग करने के लिए निशाना साधा है। उन्होंने आधुनिक सिनेमा में भावनात्मक गहराई की कमी पर चिंता व्यक्त की और कॉर्पोरेट संस्कृति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

  • दिग्गज गीतकार समीर अनजान ने रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर' में हिंसक दृश्यों के दौरान पुराने गानों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है।
  • उन्होंने विशेष रूप से 'जुम्मा चुम्मा' जैसे क्लासिक गानों को गोलाबारी और एक्शन दृश्यों के बैकग्राउंड में बजाए जाने पर आपत्ति जताई।
  • समीर ने बॉलीवुड में बढ़ते कॉर्पोरेट दखल को संगीत की गिरती गुणवत्ता और रचनात्मकता के नुकसान का मुख्य कारण बताया।

बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित और सफल गीतकारों में से एक, समीर अनजान ने हाल ही में फिल्म उद्योग में संगीत के गिरते स्तर पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। 'कुछ कुछ होता है' और 'तुम दिल की धड़कन में' जैसे सदाबहार गानों को लिखने वाले समीर ने अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' के निर्माताओं पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि फिल्म में उनके द्वारा लिखे गए क्लासिक गानों का इस्तेमाल अत्यंत हिंसक और मारधाड़ वाले दृश्यों के बैकग्राउंड में किया गया है, जो कला का अपमान है।

कोमल नाहटा के प्रसिद्ध यूट्यूब पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स' में बात करते हुए, समीर अनजान ने आधुनिक बॉलीवुड फिल्मों में संगीत के प्रति संवेदनशीलता की कमी पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "आज के गानों में कोई अर्थ या गहराई नहीं बची है क्योंकि आज के लोगों में भावनाएं और गहराई खत्म हो चुकी है। सिनेमा हमेशा समाज का आईना होता है। ओटीटी और अन्य माध्यमों के आने के बाद से, फिल्म निर्माताओं का पूरा ध्यान केवल सेक्स और हिंसा पर केंद्रित हो गया है, जिसके कारण संगीत को हाशिए पर धकेल दिया गया है।"

कॉर्पोरेट संस्कृति और रचनात्मकता का पतन

समीर ने उस दौर को याद किया जब निर्माता और निर्देशक अपनी फिल्मों के एक-एक गाने पर महीनों काम करते थे। उन्होंने करण जौहर की फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का उदाहरण देते हुए बताया, "मुझे आज भी याद है, जब मैं इस फिल्म का टाइटल ट्रैक लिख रहा था, तब करण जौहर ने मुझे छह घंटे से अधिक का नरेशन दिया था। उन्होंने मुझे यह तक बताया था कि गाने के दौरान शाहरुख खान और काजोल ने क्या पहना होगा। आज वह समर्पण गायब हो चुका है।"

उन्होंने फिल्म निर्माण में कॉर्पोरेट घरानों के प्रवेश को इस गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया। समीर के अनुसार, "कॉर्पोरेट संस्कृति के आने से खराब कंटेंट को बढ़ावा मिला है। अब लोग बिना किसी संदर्भ के हमारे पास आते हैं और कहते हैं, 'कोई हिट गाना है तो दे दो।' जैसे कि हम अपनी जेब में हिट गाने लेकर घूमते हों। निर्माता अब गानों पर बैठने और उन पर चर्चा करने से कतराते हैं। यदि एक फिल्म में 12 संगीत निर्देशक और 18 गीतकार होंगे, तो आप अच्छे काम की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?"

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय फिल्म उद्योग में संगीत हमेशा से फिल्मों की सफलता की रीढ़ रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में रीमिक्स और क्लासिक गानों के जबरन इस्तेमाल ने रचनात्मकता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। समीर अनजान जैसे दिग्गजों की यह आवाज केवल एक व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक उद्योग-व्यापी संकट को दर्शाती है जहां त्वरित वित्तीय लाभ के लिए सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक अखंडता से समझौता किया जा रहा है।

रीमेक गानों के बढ़ते चलन पर बात करते हुए समीर ने कहा कि इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उनके गाने 'दिलबर' को दोबारा बनाया गया, तो नई पीढ़ी (जेन जेड) इससे परिचित हुई, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब मूल लेखक की मौजूदगी के बावजूद उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है और किसी अन्य लेखक से अश्लील या बेतुकी लाइनें लिखवा ली जाती हैं।

"नैतिक रूप से, ये लोग मूल लेखकों की अनुमति के बिना इस रचनात्मक कार्य को छू भी नहीं सकते। फिर भी वे ऐसा करते हैं। इसे रोकना होगा। अच्छी चीजें हमेशा प्रासंगिक रहती हैं, चाहे वह अगले 100 साल ही क्यों न हों।" - समीर अनजान
पहलूक्लासिक युग की फिल्म निर्माण शैलीआधुनिक कॉर्पोरेट दृष्टिकोण
रचनात्मक प्रक्रियानिर्देशकों, गीतकारों और संगीतकारों के बीच गहरा सहयोग।लेन-देन जैसा; एक फिल्म में कई संगीत निर्देशक और गीतकार।
गानों का जुड़ावगाने कहानी को आगे बढ़ाते थे और भावनात्मक गहराई लाते थे।गानों का उपयोग अक्सर प्रचार उपकरण या बैकग्राउंड शोर के रूप में होता है।
मूल रचना का सम्मानमूल रचनाकारों को श्रेय दिया जाता था और वे गहराई से शामिल होते थे।रीमेक अक्सर मूल लेखकों को दरकिनार कर देते हैं, बिना सहमति के बदलाव करते हैं।

समीर ने विशेष रूप से 'धुरंधर' और 'चौहान' जैसी फिल्मों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "इन्होंने सब सत्यानाश कर दिया। उन्होंने संगीत उठाया और उसे बैकग्राउंड में डाल दिया। 'चौहान' के ट्रेलर में, वे एक एक्शन सीक्वेंस के दौरान 'जुम्मा चुम्मा' बजा रहे हैं। जब गोलियां चल रही हैं, तब वे मेरा गाना बजा रहे हैं। आखिर उस दृश्य में गाने का क्या औचित्य है?" उन्होंने आगे कहा कि उनके साथी संगीतकार नदीम (नदीम-श्रवण फेम) ने उन्हें शांत रहने की सलाह दी है और कहा है कि जब ये लोग सब कुछ बर्बाद कर देंगे, तब असली संगीतकारों की वापसी होगी।

क्या आप जानते हैं?: समीर अनजान के नाम दुनिया के सबसे बड़े फिल्म उद्योग में सबसे अधिक गाने (लगभग 3,500 से अधिक गाने) लिखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: समीर अनजान ने फिल्म 'धुरंधर' की आलोचना क्यों की?
उत्तर: समीर अनजान ने 'धुरंधर' और 'चौहान' जैसी फिल्मों की आलोचना इसलिए की क्योंकि उन्होंने उनके क्लासिक गानों (जैसे 'जुम्मा चुम्मा') को बिना किसी प्रासंगिक संदर्भ के, हिंसक एक्शन दृश्यों और गोलीबारी के बैकग्राउंड संगीत के रूप में इस्तेमाल किया है।

प्रश्न 2: समीर अनजान के अनुसार आधुनिक संगीत के पतन का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: समीर के अनुसार, फिल्मों में कॉर्पोरेट संस्कृति का प्रवेश, गानों के लिए कई संगीतकारों और गीतकारों को नियुक्त करना, और मूल रचनाकारों को दरकिनार कर रीमिक्स बनाना ही आधुनिक संगीत के पतन का मुख्य कारण है।