पिछले हफ्ते की रिकॉर्ड‑बारिश के बाद पुणे में बारिश रुक गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन धूप के कई क्षण भी दिखेंगे। यह परिवर्तन शहर के तापमान और जल‑संचयन पर असर डालेगा।
पुणे ने जुलाई के शुरुआती दिनों में ऐतिहासिक स्तर की वर्षा देखी, लेकिन गुरुवार को बारिश में अचानक विराम आया। शिवाजीनगर, लोहेगांव, चिंचवड जैसे मुख्य क्षेत्रों में 24 घंटे में कोई बारिश नहीं दर्ज हुई, जबकि लावले जैसे कुछ छोटे क्षेत्रों में 103.5 मिमी तक की बारिश हुई।
रिकॉर्ड‑बारिश की पृष्ठभूमि
शिवाजीनगर ने 6 जुलाई को 108.4 मिमी की बारिश दर्ज कर 1896 के बाद से चौथा सबसे उच्च मूल्य प्राप्त किया। अगले दो दिनों में क्रमशः 97.5 मिमी और 84.8 मिमी की रिकॉर्ड‑बारिश ने इस जुलाई को पुणे के मौसम की पुस्तक में "सबसे गीला" बना दिया। जून‑जुलाई के प्रथम तिमाही में इस क्षेत्र ने 473 मिमी की कुल वर्षा देखी, जो सामान्य स्तर से 260.9 मिमी अधिक है।
वर्तमान मौसम विज्ञान की व्याख्या
इंडियन मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुभवी मौसम विज्ञानी अनूपम कश्यपी ने बताया कि "वर्तमान बारिश का मुख्य कारण वेल‑मार्क्ड लो‑प्रेशर एरिया था, जो अब राज्य से दूर हो रहा है। अरब सागर में बन रहा ऑफशोर ट्रॉफ अब कमजोर हो रहा है, और शेयर ज़ोन का प्रभाव समाप्त हो चुका है।" इस कारण से बारिश का चरण समाप्त हो रहा है।
आगामी मौसम का पूर्वानुमान
अगले दो‑तीन दिनों में पुणे में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, फिर शाम‑संध्या में थंडे बादल और कभी‑कभी हल्की बूंदाबांदी की संभावना रहेगी। कश्यपी ने कहा, "वायुमंडल में मौजूद नमी स्थानीय संवहन को उत्पन्न कर सकती है, जिससे कभी‑कभी गरज‑बिजली के साथ छोटे‑छोटे बारिश के झोके देखे जा सकते हैं।" पहाड़ी क्षेत्रों—घाट, सातार—में शुक्रवार को बिखरे हुए तेज़ बारिश के लहूज हो सकते हैं, लेकिन सप्ताहांत तक यह सामान्य हो जाएगा।
तापमान में बदलाव
बारिश के विराम के साथ पुणे में अधिकतम तापमान बढ़ा; शिवाजीनगर में दिन के समय 29.4°C तक पहुंचा, जबकि पिछली रात 24.7°C थी। पाशान, हडापसर, चिंचवड में भी 29°C के ऊपर तापमान दर्ज हुआ। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मैगरपट्टा, कोरेगांव पार्क, शिवाजीनगर जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 32°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 21‑25°C के बीच रहेगा।
शहर पर संभावित प्रभाव
बारिश की कमी के साथ जल‑संग्रहण टैंक भर रहे हैं, जिससे जल‑संकट की चिंता कम होगी। लेकिन अस्थायी धूप और बदलते तापमान से निर्माण कार्य, ट्रैफ़िक, और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा। कृषि क्षेत्रों में फसल के विकास के लिए जरूरी नमी अभी भी बनी हुई है, जिससे मौसम के इस बदलाव को किसानों ने सकारात्मक माना है।
समग्र रूप से, पुणे का मौसम धीरे‑धीरे सामान्य स्थितियों की ओर लौट रहा है, परन्तु मौसम विभाग के सतत अपडेट पर नज़र रखना आवश्यक रहेगा।