संधीप माथुर ने बताया कि दक्षिण तट रेलवे ने पूर्वानुमान‑आधारित योजना, व्यापक निरीक्षण और पुल निगरानी के माध्यम से बरसात के दौरान ट्रेन संचालन को बाधित न होने देने के लिए आपदा preparedness को सुदृढ़ किया है। इस पहल से नेटवर्क की लचीलापन और यात्रियों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पूर्वानुमान‑आधारित योजना से जोखिम का अग्रिम अनुमान
- लिमिटेड हाइट सबवे और पुलों की विस्तृत जाँच
- तत्काल प्रतिक्रिया के लिए आपातकालीन संसाधनों की तैनाती
जून 1, 2026 को दक्षिण तट रेलवे (SCoR) के पहले पूर्ण‑कालिक महाप्रबंधक के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद संधीप माथुर ने आपदा preparedness को ज़ोन की बुनियादी दिशा‑निर्देश बना दिया है। उनकी रणनीति केवल प्रतिक्रिया‑आधारित नहीं, बल्कि पूर्वानुमान‑आधारित सक्रियता पर आधारित है, ताकि बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार की व्यवधान को न्यूनतम किया जा सके।
पूर्वानुमान‑आधारित लचीलापन योजना
माथुर ने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग के डेटा को वास्तविक‑समय में एकीकृत कर, रेलवे ने संभावित जल‑भारी क्षेत्रों की पहचान की है। यह डेटा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को तेज़ करता है, जिससे कार्यवाही में देरी नहीं होती। उन्होंने कहा, “सुरक्षा केवल आकस्मिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि निरंतर भविष्यवाणी का परिणाम है।”
सबवे और पुलों की गहन जाँच
जाँच का मुख्य फोकस लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) पर रहा, जो स्तर‑क्रॉसिंग को बदलकर सुरक्षा को बढ़ाते हैं। भारी वर्षा में जल‑भरी परिस्थितियों से बचाव के लिए पेंडुर्ति‑सिम्हाचलम उत्तर और गोपालापटन‑विशाखापत्तन के बीच के सभी LHS का व्यापक ऑडिट किया गया। साथ ही, डिहाइड्रेशन पंपों, निरंतर बिजली आपूर्ति और उचित जल निकासी को सुनिश्चित करने हेतु विशेष निर्देश जारी किए गए।
पुल सुरक्षा और मॉनिटरिंग
राजहामुंद्री जैसे बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में प्रमुख पुलों की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। वास्तविक‑समय पुल निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ किया गया, और इंजीनियरिंग टीमों को उच्च जल स्तर के दौरान त्वरित कार्यवाही के लिए तैयार किया गया। सभी मॉनसन‑संबंधी रख‑रखाव कार्यों को पीक बारिश से पहले पूरा करने का आदेश दिया गया।
आपातकालीन तैयारी
सभी आपातकालीन साधनों—जैसे Accident Relief Trains (ART), मेडिकल रिलीफ वैन और Quick Response Teams (QRT)—को सक्रिय स्थिति में रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल तैनाती के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया और संवेदनशील स्थानों पर 24‑घंटे की सतर्कता बनाए रखने का आदेश दिया गया।
दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचा विकास
सुरक्षा को स्थायी बनाने के लिए, तीन प्रमुख रेल‑ओवर‑ब्रिज (ROB) – गुनाडाला, गुन्तुर और मंगलगिरी – पर ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से कार्य शुरू किया गया है। इन परियोजनाओं से स्तर‑क्रॉसिंग के जोखिम को कम कर, ट्रैफ़िक जाम को घटाने में मदद मिलेगी।
माथुर ने कहा, “विचारशील फील्ड मॉनिटरिंग, समय पर जोखिम मूल्यांकन और तकनीक का प्रभावी उपयोग ही सुरक्षित रेलवे संचालन की कुंजी है।” दक्षिण तट रेलवे इस दिशा में निरंतर प्रयास करेगा, ताकि अत्यधिक मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना किया जा सके।