टोरंटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 10,000 से अधिक समुद्री जीवों की नेक्रोप्सी डेटा का विश्लेषण किया। परिणाम दिखाते हैं कि समुद्री कछुओं में प्लास्टिक का भार सबसे अधिक (लगभग 47%) है, उसके बाद seabirds (35%) और समुद्री स्तनधारी (12%)।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- समुद्री कछुओं में प्लास्टिक का भार लगभग 47% नमूनों में पाया गया
- seabirds में 35% नमूनों में प्लास्टिक मौजूद था
- प्लास्टिक के 0.044‑39.89 ml प्रति cm शरीर लंबाई के सेवन से 90% मृत्यु जोखिम
टोरंटो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने Proceedings of the National Academy of Sciences में प्रकाशित एक अध्ययन में 57 विभिन्न स्रोतों से 10,000 से अधिक समुद्री जीवों की नेक्रोप्सी रिपोर्टों का विश्लेषण किया। इस व्यापक सर्वेक्षण में 1,537 seabirds, 7,569 समुद्री स्तनधारी और 1,306 समुद्री कछुओं के डेटा शामिल थे।
प्लास्टिक का सेवन और मृत्यु दर
अध्ययन के अनुसार, 35% seabirds, 12% समुद्री स्तनधारी और 47% समुद्री कछुओं ने प्लास्टिक का सेवन किया था। इन समूहों में क्रमशः 1.6%, 0.7% और 4.4% प्राणियों की मृत्यु सीधे प्लास्टिक के कारण हुई। प्रमुख रूप से, अल्बाट्रॉस, गिल, टर्न और सभी सात कछुओं की प्रजातियों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचा।
प्लास्टिक के प्रकार और उनकी घातकता
सेबर्ड्स में रबर सबसे घातक पाया गया, जबकि समुद्री स्तनधारियों के लिए सॉफ्ट प्लास्टिक और मछली पकड़ने का कचरा प्रमुख था। कछुओं ने कठोर और नरम दोनों प्रकार के प्लास्टिक को सबसे अधिक मात्रा में निगला। 6‑405 टुकड़े मैक्रोप्लास्टिक (0.044‑39.89 ml प्रति cm शरीर लंबाई) के सेवन से 90% मृत्यु संभावना बनती है।
नीति और भविष्य की दिशा
ओशन प्लास्टिक रिसर्च के मैनेजर और सह‑लेखक एरिन मर्फी ने कहा, “यह अध्ययन प्लास्टिक बैग जैसे सबसे खतरनाक प्लास्टिक को लक्षित करने वाली नीतियों का समर्थन करता है।” उन्होंने जोड़ा कि इस प्रकार के शोध से राष्ट्रीय कार्ययोजनाओं को वैज्ञानिक आधार पर तैयार करने में मदद मिल सकती है, जिससे समुद्री पर्यावरण में प्लास्टिक के नुकसान को कम किया जा सके।
समुद्री जीवों में मैक्रोप्लास्टिक के जोखिम को मापने की प्रक्रिया माइक्रोप्लास्टिक की तुलना में अधिक जटिल और अक्सर अनैतिक मानी जाती है। इसलिए, इस तरह के व्यापक डेटा‑आधारित विश्लेषण भविष्य में प्रभावी संरक्षण उपायों के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।