अल नीनो के प्रभाव और मानसून की कमी के कारण तेलंगाना में भूजल स्तर अगस्त 2026 तक गिरकर 11.01 मीटर नीचे जाने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों से धान की जगह कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें उगाने की अपील की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अगस्त 2026 तक तेलंगाना का औसत भूजल स्तर 9.46 mbgl से गिरकर 11.01 mbgl होने का अनुमान है।
- 30% वर्षा की कमी और अल नीनो के प्रभाव के कारण अधिकांश जलाशय अपने न्यूनतम स्तर (MDDL) के करीब पहुंच गए हैं।
- कृषि विभाग ने 'अल नीनो आकस्मिक योजना वनकालम 2026' जारी कर किसानों को धान के बजाय कम पानी वाली फसलें उगाने की सलाह दी है।
तेलंगाना इस समय एक गंभीर कृषि और पर्यावरणीय संकट की कगार पर खड़ा है। राज्य में मानसून की भारी कमी के कारण भूजल स्तर में भारी गिरावट आने की आशंका जताई गई है। जून 2026 में जो औसत भूजल स्तर 9.46 मीटर नीचे (mbgl) था, उसके अगस्त 2026 तक गिरकर 11.01 mbgl तक पहुंचने का अनुमान है। इस गिरावट की मुख्य वजह चालू वनकालम (खरीफ) सीजन में लगभग 30 प्रतिशत बारिश की कमी और अल नीनो (El Niño) का प्रभाव है।
जलाशयों की गंभीर स्थिति और घटती जल आपूर्ति
राज्य के प्रमुख जलाशयों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। गोदावरी और कृष्णा बेसिन के अधिकांश सिंचाई जलाशय अपने न्यूनतम स्तर (Minimum Draw Down Level - MDDL) के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। वर्तमान में उपलब्ध पानी का उपयोग केवल पीने के पानी जैसी आवश्यक आवश्यकताओं के लिए किया जा रहा है, जिससे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की संभावना बेहद सीमित हो गई है। इसके अलावा, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की गई है, जिससे जलाशयों में पानी की आवक जल्द सुधरेगी, इसकी उम्मीद बेहद कम है।
किसानों पर गहराता संकट और जमीनी हकीकत
इस सूखे और गिरते भूजल स्तर का असर किसानों पर दिखने लगा है। संगारेड्डी जिले के अरूर गांव के 40 वर्षीय किसान पी. नरसिम्हुलु ने बताया कि बारिश की कमी के कारण उनकी उड़द और अरहर की फसलें इस समय तक जितनी बढ़नी चाहिए थीं, उसकी आधी भी नहीं बढ़ी हैं। राज्य में लगभग 48.35 लाख एकड़ कृषि भूमि बारिश पर और 27.25 लाख एकड़ भूमि सिंचाई पर निर्भर है, जिससे लाखों किसानों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
कृषि विभाग की आकस्मिक योजना और समाधान
इस संकट से निपटने के लिए राज्य कृषि विभाग ने ‘अल नीनो आकस्मिक योजना वनकालम 2026’ (El Niño Contingency Plan Vanakalam 2026) जारी की है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान जैसी अत्यधिक पानी की खपत वाली फसलों के बजाय कम अवधि वाली और सूखा-सहनशील वैकल्पिक फसलें उगाएं। इसके साथ ही, अधिकारियों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म-सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देने और भूजल को रिचार्ज करने के लिए फार्म पॉन्ड व रिचार्ज पिट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।