केरल सरकार ने ओडिशा के पूर्व मुख्य अभियंता आशुतोष दाश को मुल्लापेरियार डैम के स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल में अपना प्रतिनिधि बनाया। यह कदम राष्ट्रीय डैम सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के जून 2026 के अनुरोध के बाद आया।

मुख्य बिंदु

  • केरल ने आशुतोष दाश को IPoE में नामित किया।
  • नामांकन NDSA के 25 जून के अनुरोध के बाद हुआ।
  • डैम सुरक्षा मूल्यांकन 2026 तक पूरा होगा।

केरल ने मुल्लापेरियार डैम के स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल (IPoE) में अपना प्रतिनिधि के रूप में आशुतोष दाश को नामित किया। दाश, ओडिशा के पूर्व मुख्य अभियंता और विशेष सचिव हैं, जिन्हें राज्य जल संसाधन विभाग ने अनुशंसित किया।

यह नामांकन राष्ट्रीय डैम सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) द्वारा 25 जून को भेजे गए पत्र के बाद आया, जिसमें केरल से एक योग्य विशेषज्ञ को पैनल में भेजने का अनुरोध किया गया था। NDSA ने 2021 के डैम सुरक्षा अधिनियम के तहत पैनल का गठन किया था, जिसमें कुल पाँच सदस्य शामिल हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मुल्लापेरियार डैम, जो केरल और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है, पिछले दशकों से जल सुरक्षा और जल अधिकारों के विवाद का केंद्र रहा है। 2021 के डैम सुरक्षा अधिनियम ने ऐसे विवादों के समाधान के लिए एक व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया को अनिवार्य किया, जिससे NDSA ने IPoE का गठन किया।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस पैनल में केरल का प्रतिनिधित्व राज्य की जल सुरक्षा चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबिंबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भविष्य में संभावित संरचनात्मक जोखिमों को कम किया जा सकेगा।

"न्यायसंगत और तकनीकी रूप से सक्षम विशेषज्ञों का समावेश डैम सुरक्षा की विश्वसनीयता को बढ़ाता है," कहा विशेषज्ञ इंजीनियर रवींद्र कुमारी ने।
क्या आप जानते हैं?: मुल्लापेरियार डैम 1886 में निर्मित हुआ था और आज 100 साल से अधिक पुराना है, जिससे नियमित सुरक्षा मूल्यांकन आवश्यक हो गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: आशुतोष दाश कौन हैं और उनका डैम सुरक्षा में क्या अनुभव है?

उत्तर: दाश ओडिशा सरकार में मुख्य अभियंता और विशेष सचिव रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने कई बड़े जल संरचनाओं की देखरेख की है।

प्रश्न 2: IPoE की अंतिम रिपोर्ट कब तक जारी होगी?

उत्तर: डैम सुरक्षा अधिनियम के अनुसार, पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया दिसंबर 2026 तक समाप्त होनी है।