प्रशांत उत्तर-पश्चिम में भीषण जंगलों की आग के कारण अमेरिका के बड़े हिस्से में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। ओरेगन और इडाहो सहित कई राज्यों में धुएं का गुबार फैल गया है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं।
मुख्य बातें
- ओरेगन और वाशिंगटन में 45 से अधिक बड़ी अनियंत्रित आग लगी हुई है।
- अब तक 1.8 मिलियन एकड़ से अधिक जंगली भूमि जल चुकी है।
- धुआं फ्लोरिडा तक फैल गया है, जिससे हवा में हानिकारक कणों की मात्रा बढ़ गई है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म सर्दियों और सूखे ने आग की तीव्रता को बढ़ाया है।
अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिम (Pacific Northwest) क्षेत्र में जारी भीषण जंगलों की आग ने एक बार फिर पूरे देश के एक बड़े हिस्से को धुएं की मोटी चादर से ढक दिया है। बुधवार को ओरेगन और इडाहो जैसे राज्यों में हवा की गुणवत्ता 'बेहद अस्वास्थ्यकर' स्तर पर पहुंच गई है। यह घटना पिछले दो हफ्तों के भीतर दूसरी बार हुई है, जब कनाडा की जंगलों की आग और स्थानीय परिस्थितियों के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था।
आग का भयावह मंजर
ताजा आंकड़ों के अनुसार, ओरेगन और वाशिंगटन में 45 बड़ी अनियंत्रित आग अभी भी सक्रिय हैं, जिसने अब तक 1.8 मिलियन एकड़ से अधिक जंगली क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि उत्तर में स्थित ब्रिटिश कोलंबिया में भी 17 से अधिक अनियंत्रित आग लगी हुई हैं। बोइज़, इडाहो के पास वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई है, जहां सूक्ष्म कणों (particulate matter) का स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस साल आग की भीषणता के पीछे कई पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार हैं। पिछले साल की ऐतिहासिक रूप से गर्म सर्दियों ने जंगलों की नमी को सोख लिया, जिससे वसंत ऋतु तक आते-आते वनस्पतियां सूख गईं। इसके साथ ही, अमेरिका और कनाडा में चल रही भीषण गर्मी (Heat Waves) ने आग के लिए ईंधन का काम किया है।
जलवायु वैज्ञानिक डैनियल स्वाइन के अनुसार, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, सूखा और कम बर्फबारी के बीच का यह संबंध महज एक संयोग नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि जलवायु परिवर्तन एकमात्र कारक नहीं है, लेकिन यह आग की तीव्रता और आवृत्ति को बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और बचाव
जंगलों की आग से निकलने वाला धुआं सामान्य प्रदूषण की तुलना में 10 गुना अधिक जहरीला हो सकता है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, धुएं के सूक्ष्म कण फेफड़ों के माध्यम से सीधे रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे हृदय और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. धुएं से बचने के लिए कौन सा मास्क सबसे प्रभावी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्जिकल मास्क पर्याप्त नहीं हैं; N95 जैसे रेस्पिरेटर मास्क ही सूक्ष्म कणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
2. किन लोगों को सबसे अधिक खतरा है?
हृदय या फेफड़ों के रोग से पीड़ित लोग, बुजुर्ग और छोटे बच्चे धुएं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं।