असम के दिहिंग पटकई राष्ट्रीय उद्यान में एक नर बाघ को कैमरा ट्रैप में कैद किया गया है, जो इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि का एक बड़ा प्रमाण है। ज़ूोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से इस बाघ की उपस्थिति की वैज्ञानिक पुष्टि हुई है।

  • दिहिंग पटकई राष्ट्रीय उद्यान में एक नर बाघ की कैमरा ट्रैप से पुष्टि हुई है।
  • यह खोज ज़ूोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और असम वन विभाग के सहयोग से की गई।
  • दिहिंग पटकई को अपनी वर्षावनों की विविधता के कारण 'पूर्व का अमेज़न' कहा जाता है।

असम के पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, दिहिंग पटकई राष्ट्रीय उद्यान में एक नर बाघ की उपस्थिति की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि की गई है। असम के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि एक कैमरा ट्रैप के माध्यम से इस शक्तिशाली बाघ को कैद किया गया है।

यह महत्वपूर्ण सफलता ज़ूोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और मारघेरिटा वेस्ट फॉरेस्ट रेंज (डिगबोई वन मंडल) के बीच एक संयुक्त निगरानी अभियान के दौरान प्राप्त हुई। इससे पहले, वन अधिकारियों को बाघ के पदचिह्न (pug marks) मिले थे, जिससे इसकी उपस्थिति का संदेह था, लेकिन इस नवीनतम कैमरा ट्रैप रिकॉर्ड ने अब इस दावे को ठोस वैज्ञानिक प्रमाण प्रदान किया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिहिंग पटकई में बाघ की उपस्थिति न केवल वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस क्षेत्र के पूरे खाद्य जाल (food web) की मजबूती को भी दर्शाती है। बाघ जैसे शीर्ष शिकारी की उपस्थिति एक स्वस्थ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है।

"यह असम के वर्षावन परिदृश्य के लिए एक दुर्लभ और उल्लेखनीय क्षण है। यह हमारे समर्पित वन अधिकारियों की निरंतर निगरानी और सतर्कता का परिणाम है।" - जयंत मल्ला बरुआ

दिहिंग पटकई राष्ट्रीय उद्यान, जिसे इसकी घनी वनस्पतियों के कारण 'पूर्व का अमेज़न' कहा जाता है, लगभग 232 वर्ग किमी में फैला हुआ है। यह भारत का एकमात्र संरक्षित वन है जो बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और फिशिंग कैट सहित आठ अलग-अलग जंगली बिल्ली प्रजातियों को आश्रय देता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिहिंग पटकई का क्षेत्र जैव विविधता का एक हॉटस्पॉट रहा है। हालांकि पर्यावरणविदों ने पहले भी पार्क में बाघों के देखे जाने की बात कही थी, लेकिन इस बार कैमरा ट्रैप द्वारा इसकी पुष्टि होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह वैज्ञानिक डेटा संग्रह में एक नया अध्याय जोड़ता है।

Did You Know?: दिहिंग पटकई को 'पूर्व का अमेज़न' कहा जाता है क्योंकि यह उत्तर-पूर्वी भारत के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन वर्षावनों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बाघ की खोज कहाँ की गई है?
उत्तर: बाघ की खोज असम के दिहिंग पटकई राष्ट्रीय उद्यान में की गई है।

प्रश्न 2: इस खोज में किन संस्थाओं ने सहयोग किया?
उत्तर: इस खोज में ज़ूोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और असम राज्य वन विभाग ने मिलकर काम किया।