बेंगलुरु के नागरिकों और नागरिक समाज समूहों ने कर्नाटक सरकार के उस संशोधन का कड़ा विरोध किया है, जो पार्कों की 5% भूमि को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए उपयोग करने की अनुमति देता है। प्रदर्शनकारियों ने इसे पर्यावरण के लिए खतरा बताते हुए संशोधन को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
- नागरिकों ने पार्कों की 5% भूमि के हस्तांतरण के विरुद्ध 'एक इंच भी नहीं' का नारा दिया।
- लालबाग में 200 से अधिक लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
- समूहों ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को संशोधन वापस लेने के लिए पत्र लिखा है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि पार्क शहर के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बेंगलुरु के हरित क्षेत्र पर बढ़ते खतरे के खिलाफ शहर के नागरिकों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को लालबाग में आयोजित एक विशाल प्रदर्शन में 200 से अधिक नागरिक, रेजिडेंट एसोसिएशन और नागरिक समाज समूहों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने 'नागरिक गठबंधन' के बैनर तले 'न 5%, न एक इंच। हमारे पार्कों को अकेला छोड़ दो' का नारा बुलंद किया।
यह विरोध कर्नाटक सरकार द्वारा कर्नाटक सरकार पार्क (संरक्षण) अधिनियम, 1975 में किए गए एक विवादास्पद संशोधन के खिलाफ है। यह संशोधन सरकार को सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पार्कों की 5% भूमि का उपयोग करने की अनुमति देता है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि यह संशोधन मूल कानून के उद्देश्य के ही विरुद्ध है, जिसका मुख्य लक्ष्य पार्कों का संरक्षण करना है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु पहले से ही घटते हरित आवरण, बढ़ते तापमान और शहरी गर्मी (Urban Heat Island effect) की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पार्कों को केवल खाली जमीन नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण पर्यावरणीय बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जाना चाहिए।
पार्क केवल मनोरंजन के स्थान नहीं हैं, बल्कि वे जलवायु विनियमन, वर्षा जल प्रबंधन और जैव विविधता के लिए आवश्यक प्राकृतिक सुरक्षा कवच हैं।
CIVIC की कार्यकारी ट्रस्टी कैथयायिनी चमारज ने कहा कि सरकार पार्क के हिस्से को अलग करने के लिए संशोधन नहीं ला सकती क्योंकि यह संरक्षण के मूल सिद्धांत का उल्लंघन करता है। वहीं, Greenpeace India की जलवायु अभियानकर्ता सेलोमी गार्नाइक ने चेतावनी दी कि सरकार को सार्वजनिक हरित स्थानों को 'अतिरिक्त भूमि' मानकर उन्हें खत्म करने की गलती नहीं करनी चाहिए।
शोध के आंकड़े बताते हैं कि बेंगलुरु के शहरी हरित क्षेत्र शहर के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, पार्क अपने आसपास के क्षेत्रों की तुलना में औसतन 2.23 डिग्री सेल्सियस ठंडे होते हैं, और उनका शीतलन प्रभाव उनकी सीमाओं से 347 मीटर दूर तक महसूस किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सरकार के नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का प्रस्ताव पार्कों की 5% भूमि को सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए उपयोग करने की अनुमति देना है।
2. नागरिकों की मुख्य मांग क्या है?
नागरिकों की मांग है कि इस संशोधन को तुरंत वापस लिया जाए और पार्कों को किसी भी गैर-पारिस्थितिक उपयोग से बचाया जाए।