ओडिशा के नंदनकानन जू में लाए गए पांच बेबी ओरंगुटान में से एक को तेज बुखार आया है। विशेषज्ञों की एक विशेष टीम और पशु चिकित्सक चौबीसों घंटे इसकी निगरानी कर रहे हैं।
- नंदनकानन जू में क्वारंटाइन किए गए पांच ओरंगुटान में से एक को तेज बुखार है।
- ओडिशा सरकार ने पशुओं की देखभाल के लिए पांच सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया है।
- ओरंगुटान को तनाव मुक्त रखने के लिए संगीत चिकित्सा और सॉफ्ट टॉयज का उपयोग किया जा रहा है।
ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन जूवे्रालॉजिकल पार्क में हाल ही में बचाए गए पांच बेबी ओरंगुटान में से एक की तबीयत बिगड़ने से वन्यजीव प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रविवार (13 सितंबर, 2026) से एक नन्हे ओरंगुटान के शरीर का तापमान काफी बढ़ गया है। हालांकि, दवा देने के बाद बुखार कम हो जाता है, लेकिन यह बार-बार वापस आ रहा है।
पशु चिकित्सकों का मानना है कि यह बुखार वातावरण में अचानक आए बदलाव, थकान या तनाव के कारण हो सकता है। ओरंगुटान मूल रूप से वर्षावनों (Rainforests) में रहते हैं, और भारत के वातावरण में ढलने में उन्हें समय लग सकता है। वर्तमान में, बीमार ओरंगुटान को सख्त चिकित्सा निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक जानवर की बीमारी का नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। ओरंगुटान भारत के मूल निवासी नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इन्हें अवैध रूप से तस्करी करके लाया गया था।
ओरंगुटान में उच्च शरीर के तापमान की निगरानी मनुष्यों की तरह ही की जाती है और उन्हें पैरासिटामोल आधारित दवाएं दी जाती हैं।
ओडिशा सरकार ने इन पांच मासूमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक पांच सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया है। यह समिति उनके कल्याण और रख-रखाव से संबंधित सभी तकनीकी पहलुओं की देखरेख करेगी। मुख्य वन्यजीव वार्डन पी.के. झा ने बताया कि तीन देखभाल करने वाले और डॉक्टर चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ये पांच ओरंगुटान 8 सितंबर को बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक स्थित बिचित्रापुर जंगल से बचाए गए थे। उनके मिलने के बाद से ही ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) अंतरराष्ट्रीय तस्करी के इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: ओरंगुटान को क्या खिलाया जा रहा है?
उत्तर: विशेषज्ञों द्वारा तैयार डाइट चार्ट के अनुसार, उन्हें हर दो घंटे में दूध, सेब और केले का तरल पदार्थ और उबले हुए आलू दिए जा रहे हैं।
प्रश्न 2: क्या अन्य ओरंगुटान स्वस्थ हैं?
उत्तर: हाँ, अन्य चार ओरंगुटान पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से व्यवहार कर रहे हैं।