सीबीडीटी ने 16 अगस्त से लागू होने वाले ‘विदेशी संपत्ति – छोटे करदाताओं खुलासा योजना नियम, 2026’ को प्रकाशित किया। अब ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ के बीच की आय वाले छोटे करदाताओं को 100% जुर्माना का सामना करना पड़ेगा।
मुख्य बिंदु
- नया नियम 16 अगस्त से प्रभावी
- ₹1 करोड़ – ₹5 करोड़ आय वाले छोटे करदाता पात्र
- अप्रकाशित आय पर 100% जुर्माना
नियम का मुख्य विवरण
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने विदेशी संपत्ति – छोटे करदाताओं खुलासा योजना नियम, 2026 जारी किए हैं। इन नियमों के अनुसार, छोटे करदाता जिनकी आय ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ के बीच है, उन्हें अपने विदेशी संपत्तियों की घोषणा करनी होगी। यदि वे इस घोषणा को टालते हैं तो उन्हें पूरी आय पर 100% जुर्माना लगेगा।
प्रभावी तिथि और अनुप्रयोग
यह नियम 16 अगस्त, 2026 से लागू होगा और सभी छोटे करदाताओं पर समान रूप से लागू होगा। नियम का उद्देश्य कर चोरी को रोकना और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पहले भी भारत सरकार ने विदेशी संपत्ति खुलासा योजना (FDST) जैसी पहलें शुरू की थीं, लेकिन वे बड़े करदाताओं पर केंद्रित थीं। छोटे करदाताओं को अब समान स्तर की निगरानी में लाने के लिए यह नया नियम आया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that tightening disclosure requirements for small taxpayers will likely increase revenue by up to 3% annually, while also encouraging greater compliance among the emerging middle class.
"छोटे करदाताओं के लिए यह एक चेतावनी है—अप्रकाशित आय अब अधिक महँगी होगी," कहते हैं टैक्स विशेषज्ञ डॉ. अंशु सिंह।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी विदेशी संपत्तियों की घोषणा अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, यदि आपकी आय ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ के बीच आती है तो सभी विदेशी संपत्तियों की घोषणा आवश्यक है।
प्रश्न 2: यदि मैं समय सीमा से पहले घोषणा कर दूँ तो जुर्माना कैसे बच सकता हूँ?
उत्तर: समय पर घोषणा करने से 100% जुर्माना से बचा जा सकता है; केवल सामान्य दंड लागू होगा।