कोक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने कथित NEET‑UG 2026 पेपर लीक को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विरोध का एलान किया, हर जिले में जंतर मंतर स्थापित करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

मुख्य बिंदु

  • सीजेपी ने हर जिले में जंतर मंतर स्थापित करने की घोषणा की
  • राष्ट्रीय स्तर पर विरोध 25 जुलाई को शुरू होगा
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मुख्य मांग है

कोक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को कहा कि वह NEET‑UG 2026 पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध करेगी और हर जिले में जंतर मंतर स्थापित करना चाहेगी। इस कदम से केंद्र के साथ उनका टकराव और तीव्र हो गया है।

स्पॉकर सौरव दास ने कहा, “हर जिले में जंतर मंतर की आवश्यकता है क्योंकि सरकार छात्रों और प्रदर्शनकारियों की बात नहीं सुन रही। यह आंदोलन दिल्ली से बाहर निकल कर पूरे भारत में फैलना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले 30 दिनों से प्रदर्शनकारियों को दरवाज़ा‑दरवाज़ा वोट लेकर सरकार ने नजरअंदाज़ किया है।

सीजेपी ने संवाद के लिए तटस्थ स्थान की माँग की है। दास ने कहा कि वे केवल जंतर मंतर, केरल हाउस या कंस्टिट्यूशन क्लब जैसे स्थानों पर ही सरकार के प्रतिनिधियों से मिलेंगे, सरकारी दफ़्तरों में नहीं। उन्होंने बताया कि पिछले बार बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक में सीजेपी के नेताओं को लगभग चार घंटे तक हिरासत में रखा गया था।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को “अटल” बताया गया। दास ने कहा, “हम इस मांग पर समझौता नहीं करेंगे। यह केवल शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बहाली है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंदोलन के अन्य प्रमुख बिंदु परीक्षा में असमानताओं की जांच, आत्महत्या के शिकार छात्रों के परिवारों को मुआवजा, और शिक्षा नीति में व्यापक सुधार हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जंतर मंतर का इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है, जब महाराजा जय सिंह द्वितीय ने इसे खगोलीय अवलोकन केन्द्र के रूप में बनवाया था। आधुनिक भारत में यह स्थान सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन के केंद्र के रूप में विकसित हुआ, विशेषकर 2011 के भारत आंदोलन के दौरान।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the demand for decentralized protest sites like Jantar Mantars could reshape how civil society engages with the government, potentially forcing policymakers to address regional grievances more directly.

"जंतर मंतर की माँग एक नई स्तर की लोकतांत्रिक आवाज़ को दर्शाती है, जहाँ हर स्थानीय समुदाय को अपने मुद्दे उठाने का मंच मिल रहा है," राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अंजलि मेहता ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: मूल जंतर मंतर दिल्ली में महाराजा जय सिंह द्वितीय द्वारा 18वीं सदी में खगोलीय वेधशाला के रूप में निर्मित किया गया था।

Frequently Asked Questions

जंतर मंतर क्या है? जंतर मंटर एक सार्वजनिक स्थल है जहाँ लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सार्वजनिक चर्चा कर सकते हैं।

सीजेपी के मुख्य माँग क्या हैं? मुख्य माँगें हैं: हर जिले में जंतर मंतर की स्थापना, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा में पारदर्शिता, और आत्महत्या शिकार छात्रों के परिवारों को मुआवजा।