NEET‑UG 2026 परीक्षा के भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के कुछ प्रश्न परीक्षा से पहले ही कुछ व्यक्तियों तक पहुँचाए गए। इन प्रश्नों को छात्रों को पैसे के बदले में बेचा गया, जिससे अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच ने परीक्षा प्रक्रिया में जुड़े विशेषज्ञों की भूमिका को भी उजागर किया।

मुख्य बिंदु

  • NEET‑UG 2026 के तीन विषयों के प्रश्नों का लीक होना पुष्टि हुई
  • छात्रों को लीक किए गए प्रश्नों के बदले पैसे भुगतान किए गए
  • जांच में अब तक 13 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई

जांच के शुरुआती चरणों में पता चला कि भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान के कुछ प्रश्न परीक्षा से पहले ही विशिष्ट व्यक्तियों को पहुँचाए गए। इन प्रश्नों को फिर छात्रों को बेच दिया गया, जिससे उनका मुनाफ़ा कई लाख रुपये तक पहुँच गया।

पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक जाँच की, जिसके परिणामस्वरूप 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारियों में परीक्षा विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों के सहयोगी, तथा कुछ प्रॉक्सी शामिल हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NEET परीक्षा भारत में मेडिकल प्रवेश के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण परीक्षा है। पिछले दशकों में कभी‑कभी प्रश्न लीक के आरोप लगे हैं, लेकिन 2026 की इस घटना में लीक की सीमा और वित्तीय लेन‑देन की जटिलता पहले की किसी भी केस से अधिक है। इस कारण केंद्र सरकार ने परीक्षा की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नई नीतियां तैयार की हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such leaks undermine merit‑based admission, erode public trust in competitive exams, and create an illegal market that exploits financially vulnerable aspirants.

"परीक्षा में प्रश्नों का लीक होना केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक इकोसिस्टम को खतरा है," कहते हैं शैक्षिक विश्लेषक डॉ. अर्णव शर्मा।
Did You Know?: NEET 2026 में कुल 1.8 लाख छात्रों ने आवेदन किया, जिनमें से केवल 1.2 लाख को ही वास्तविक परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह लीक केवल एक राज्य तक सीमित थी?

उत्तर: नहीं, जांच ने पाया है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला था, जिससे इसे "मल्टी‑स्टेट नेटवर्क" कहा गया है।

प्रश्न 2: भविष्य में ऐसी लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर: आयोग ने प्रश्न बैंक को एन्क्रिप्टेड सर्वर में स्थानांतरित करने और कागजी प्रश्नपत्रों के उपयोग को घटाने की योजना बनाई है।