न्यूयॉर्क के एक सांस्कृतिक केंद्र में 2022 में किए गए नाइफ़ हमले के आरोपी के फेडरल मुकदमे में विश्वप्रसिद्ध लेखक सलमान रश्दी ने गवाही दी। यह गवाही, जो दशकों बाद आती है, उनके 1989 के फ़तवे के बाद लंदन में बिताए एक दशक के एकांत को उजागर करती है।

मुख्य बिंदु

  • रश्दी ने 2022 के नाइफ़ हमले के आरोपी पर गवाही दी
  • वह 1989 के फ़तवे के बाद लंदन में एक दशकों की एकांत जीवन जीते थे
  • इस मुकदमे में अमेरिकी न्याय प्रणाली की पारदर्शिता प्रमुख है

न्यूयॉर्क, 24 जुलाई 2026 – प्रसिद्ध उपन्यासकार सलमान रश्दी ने गुरुवार को न्यूयॉर्क के एक फेडरल ट्रायल में गवाही दी, जिसमें वह व्यक्ति सजा का सामना कर रहा है जिसने 2022 में एक सांस्कृतिक केंद्र में रश्दी को नाइफ़ से मारने की कोशिश की थी। रश्दी की गवाही ने उनके जीवन के अंधेरे अध्यायों को फिर से उजागर किया, जिसमें 1989 के फ़तवे के बाद लंदन में एक दशक तक छिपी जिंदगी शामिल है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1989 में ईरान के धार्मिक नेता आयतुल्लाह ख़ुसेनी द्वारा रश्दी पर फ़तवा जारी किया गया था, जिससे लेखक को विश्वभर में सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा। इस कारण वह लंदन में कई सालों तक गुप्त रूप से रहे, सार्वजनिक मंचों से दूर रहे और केवल सीमित लेखन कार्य जारी रखे। 1998 में फ़तवा निरस्त किया गया, परन्तु उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी रहीं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this trial not only tests the U.S. justice system’s handling of politically motivated violence but also serves as a barometer for global free‑speech protections in an era of rising extremist threats.

"रश्दी की गवाही न्यायिक प्रक्रिया को मानवीय आयाम देती है, जिससे हम समझ पाते हैं कि शब्दों की शक्ति कितनी खतरनाक हो सकती है," कहा मानवाधिकार विशेषज्ञ डॉ. अनीता मल्होत्रा।
Did You Know?: सलमान रश्दी ने 1998 में अपने उपन्यास "द गोल्डन कंपास" को पुनः प्रकाशित किया, जब उनकी सुरक्षा स्थिति में सुधार आया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या रश्दी को इस हमले में गंभीर चोटें आई थीं?

उत्तर: हाँ, रश्दी को खूँटी के घाव और कुछ मौखिक चोटें लगी थीं, परन्तु उनकी जान बच गई।

प्रश्न 2: इस मुकदमे का संभावित परिणाम क्या हो सकता है?

उत्तर: अभियोजक ने जीवनभर कारावास की मांग की है, जबकि रक्षा पक्ष कम सज़ा की वकालत कर रहा है।