झारखंड ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 26 लाख अनएकत्रित एन्क्यूमरेशन फॉर्मों में से 6 लाख से अधिक मृत मतदाताओं की पहचान की। रांची जिले ने सबसे अधिक मृत मतदाताओं की संख्या दर्ज की, जबकि कुल मतदाता 99.58% तक पहुंचा गया।

मुख्य बिंदु

  • 6 लाख से अधिक मृत मतदाता पहचानें गए
  • रांची ने सबसे अधिक मृत मतदाता दर्ज किए
  • वोटर एन्क्यूमरेशन 99.58% तक पूरा हुआ

झारखंड ने 30 जून से शुरू हुए विशेष गहन संशोधन (SIR) में 2.64 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 99.58% तक घर-घर जाकर एन्क्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर लिया। इस प्रक्रिया में 2,36,49,659 फॉर्मों को डिजिटल किया गया, जबकि 26 लाख फॉर्म अभी भी अनएकत्रित हैं।

इन अनएकत्रित फॉर्मों में 6,14,639 मृत मतदाता, 10,78,577 स्थायी रूप से स्थानांतरित और 5,96,575 अनुपलब्ध या अनट्रेसेबल मतदाता शामिल हैं। रांची जिले ने 71,990 मृत मतदाताओं के साथ सबसे अधिक संख्या दर्ज की, इसके बाद खूँटी ने 53,885 मृत मतदाता दर्ज किए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि मृत मतदाताओं की सटीक पहचान चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाती है, साथ ही संभावित धोखाधड़ी को रोकती है। यह डेटा भविष्य में मतदाता सूची को साफ़ रखने और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने में मदद करेगा।

"सही मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है; मृत मतदाताओं को हटाना चुनावी सुरक्षा का मूल स्तंभ है," कहा चुनाव विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह ने।
क्या आप जानते हैं?: भारत में हर पाँच साल में मतदाता सूची का व्यापक पुनरावलोकन किया जाता है, जिससे लगभग 10 लाख अनधिकृत नाम हटाए जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: मृत मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया कितनी देर तक चलेगी?
उत्तर: एन्क्यूमरेशन फॉर्मों का संग्रह 29 जुलाई तक जारी रहेगा, उसके बाद ड्राफ्ट सूची 5 अगस्त को प्रकाशित होगी।

प्रश्न 2: यदि कोई मतदाता अपने रिकॉर्ड में गलती पाता है तो क्या कर सकता है?
उत्तर: मतदाता 5 अगस्त से 4 सितंबर तक आपत्ति दर्ज कर सकते हैं, और अंतिम सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।