दिल्ली सरकार ने ग़ज़ीपुर में 15 एकड़ के आधुनिक पोल्ट्री मार्केट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही नरेला में दो नए स्टील शेड्स और ग़ज़ीपुर में फूल बाजार की योजना भी मंजूर हुई है।
मुख्य बिंदु
- ग़ज़ीपुर पोल्ट्री मार्केट का निर्माण 31 दिसंबर 2026 को पूरा होगा
- मार्केट में 100 थोक व्यापारी और 120 प्रसंस्करण इकाइयाँ होंगी
- नरेला में दो स्टील शेड्स 2027 तक तैयार होंगे
दिल्ली सरकार ने ग़ज़ीपुर में लगभग 15 एकड़ में फैले एक आधुनिक पोल्ट्री मार्केट का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस परियोजना की कुल लागत ₹193 करोड़ बताई गई है और इसमें 100 थोक व्यापारी तथा 120 पोल्ट्री प्रसंस्करण इकाइयों को स्थान मिलेगा।
ग़ज़ीपुर में एकीकृत माल ढुलाई परिसर (Integrated Freight Complex) के भीतर फूल बाजार की भी योजना बनाई गई है। 2001 में डी.डी.ए से अर्जित 10 एकड़ जमीन को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के फूल व्यापार को आधुनिक बुनियादी ढाँचा मिलेगा।
ग़ज़ीपुर फल, सब्ज़ी और फूल बाजार में जलभराव को नियंत्रित करने के लिए 200 मीटर लंबी बाईपास ड्रेनेज पाइपलाइन का निर्माण चल रहा है, जिसकी लागत ₹17 लाख निर्धारित की गई है। साथ ही बाजार परिसर से आवारा पशुओं को हटाने के लिए नियमित सफ़ाई अभियानों को भी तेज़ किया जा रहा है।
नरेला अनाज बाजार में दो अतिरिक्त स्टील शेड्स का प्रस्ताव रखा गया है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹11 करोड़ है और इन्हें जुलाई 2027 तक पूरा करने की योजना है। ये शेड्स किसानों के लिए अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण सुविधा प्रदान करेंगे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली के कृषि बाजारों का आधुनिकीकरण न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि उपभोक्ताओं को ताज़ा और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद भी उपलब्ध कराएगा। इस व्यापक रीवैंप से शहर की खाद्य सुरक्षा और लॉजिस्टिक दक्षता दोनों में सुधार की उम्मीद है।
"ग़ज़ीपुर पोल्ट्री मार्केट का पूर्ण होना दिल्ली के कृषि बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर है," कहा कृषि विशेषज्ञ डॉ. अंजलि सिंह ने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: नए पोल्ट्री मार्केट में किस प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी?
उत्तर: इसमें थोक व्यापारियों के लिए स्टॉल, 120 प्रसंस्करण इकाइयाँ, स्वच्छ जल और सैनीटरी सुविधाएँ शामिल होंगी।
प्रश्न 2: नरेला के शेड्स कब तक उपयोग में आएँगे?
उत्तर: अपेक्षित पूर्णता जुलाई 2027 है, जिसके बाद स्थानीय किसानों को आधुनिक भंडारण का लाभ मिलेगा।