30 वर्षीय दिल्ली की महिला ने ऑनलाइन बाल गोद लेने के वादे के तहत 1.37 लाख रुपये का नुकसान उठाया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरली से दो आरोपी को गिरफ्तार किया, जिन्होंने नकली दस्तावेज़ और अल्ट्रासाउंड रिपोर्टें बनाई थीं।
मुख्य बिंदु
- 30 वर्षीय महिला ने 1.37 लाख रुपये का नुकसान उठाया
- दो आरोपी बरली से बरामद हुए
- धोखेबाज़ ने नकली NGO रसीदें और अल्ट्रासाउंड रिपोर्टें तैयार कीं
घटना का विवरण
दिल्ली पुलिस ने एक साइबर धोखाधड़ी रिंग को बरामद किया, जिसने बाल गोद लेने की तलाश में लोगों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई एक 30‑वर्षीय महिला की शिकायत के बाद हुई, जिन्होंने कहा कि उन्हें एक बच्चा लड़का देने का वादा करके 1.37 लाख रुपये ले लिये गये।
महिला ने ऑनलाइन खोज के माध्यम से एक नंबर पर संपर्क किया, जहाँ स्वयं को सचिन बताने वाले व्यक्त ने कहा कि वह वैध गोद लेने वाली संस्था का प्रतिनिधि है। उन्होंने दावा किया कि एक बच्चा लड़का उपलब्ध है और रजिस्ट्रेशन, बुकिंग तथा ट्रांसपोर्ट चार्ज के बहाने कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा।
साक्ष्य के रूप में, आरोपी ने फर्जी NGO रसीदें, बनावटी अल्ट्रासाउंड रिपोर्टें और अन्य झूठे दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। महिला ने कई बार माँ से मिलने की मांग की, परन्तु आरोपी ने इन अनुरोधों को लगातार खारिज किया और अंततः कॉल बंद कर दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that child adoption scams exploit vulnerable families and erode trust in legitimate adoption processes, highlighting the urgent need for stricter online monitoring and public awareness.
"साइबर अपराधी अक्सर सामाजिक भावनाओं का फायदा उठाते हैं; इसलिए सरकारी निगरानी और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना अनिवार्य है," कहा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉक्टर अंशु अग्रवाल।
जांच और गिरफ्तारी
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से ई‑एफआईआर दर्ज करने के बाद, पुलिस ने बैंक खाते, IP लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और IMEI डेटा का विश्लेषण किया। लगभग सौ मोबाइल नंबरों की जांच के बाद, बरली के दो आरोपी सचिन (46) और उनके सहयोगी राकेश कुमार (52) को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
जांच में पता चला कि राकेश, जो एक फ़िज़ियोथेरेपिस्ट थे, ने फर्जी NGO रसीदें और चिकित्सकीय दस्तावेज़ तैयार किए थे। पुलिस ने मोबाइल फ़ोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज़, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और 14 नकली स्टैम्प बरामद किए।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या ऑनलाइन गोद लेने की सेवाओं का उपयोग सुरक्षित है?
A: केवल मान्यता प्राप्त सरकारी पोर्टल और प्रमाणित NGOs के माध्यम से ही प्रक्रिया करनी चाहिए।
Q2: इस प्रकार के घोटाले में कैसे बचा जा सकता है?
A: अनजान नंबरों से संपर्क न करें, सभी दस्तावेज़ों की कानूनी जांच करवाएँ और किसी भी भुगतान से पहले आधिकारिक सत्यापन करें।