सरकार ने पात्र करदाताओं के लिए विदेशी आय और संपत्तियों का एक‑बार खुलासा करने की विंडो 16 अगस्त से 31 दिसम्बर तक खोली है। इस योजना में एक श्रेणी में 60 प्रतिशत कर छूट और दूसरी में ₹1 लाख शुल्क लागू है।

मुख्य बिंदु

  • खुलासा विंडो 16 अगस्त से शुरू.
  • अंतिम तिथि 31 दिसम्बर.
  • एक श्रेणी में 60 % कर छूट, दूसरी में ₹1 लाख शुल्क.

योजना का विवरण

आयकर विभाग ने एक‑बार विदेशी आय और संपत्तियों के खुलासे के लिए नई विंडो शुरू की है। पात्र करदाता 16 अगस्त से लेकर 31 दिसम्बर तक अपनी विदेशी आय और संपत्तियों को घोषित कर सकते हैं।

इस योजना के तहत, करदाता दो विकल्पों में से एक चुन सकते हैं: एक में 60 % कर आउटगो और दूसरे में स्थिर ₹1 लाख शुल्क। यह विकल्प करदाताओं को अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार सबसे अनुकूल विकल्प चुनने की सुविधा देता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दशकों में भारत ने कई बार विदेशी संपत्ति के खुलासे को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं लॉन्च की हैं, जैसे 2015 की ‘विचार‑पुर्वक खुलासा’ पहल। इन पहलों ने कर अनुपालन को बढ़ावा दिया और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this one‑time window could bring billions of rupees in undisclosed foreign income into the formal economy, strengthening fiscal stability and enhancing international compliance.

"यह योजना करदाताओं को वैध रूप से अपने विदेशी संपत्तियों को नियमित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है," कहते हैं कर विशेषज्ञ डॉ. रजत सिंह।
क्या आप जानते हैं?: 2014 में, भारत ने पहली बार विदेशी संपत्ति के खुलासे के लिए 30 % रियायत दी थी, जिससे हजारों करदाता लाभान्वित हुए।

Frequently Asked Questions

  1. क्या सभी विदेशी आय और संपत्तियों को घोषित करना अनिवार्य है?
    हाँ, इस विंडो में सभी निर्दिष्ट आय और संपत्तियों को शामिल करना आवश्यक है।
  2. क्या 60 % कर छूट सभी करदाताओं के लिए उपलब्ध है?
    यह केवल उन करदाताओं के लिए लागू होती है जो नियमानुसार निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं।