एल नीनो के प्रभाव और भारी वर्षा की कमी के कारण चित्तूर जिले में पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा गया है। इससे जिले के महत्वपूर्ण डेयरी क्षेत्र और किसानों की आय पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
मुख्य बातें
- चित्तूर जिले में वर्षा में 62% की भारी कमी दर्ज की गई है।
- पशुओं के लिए 2.32 लाख मीट्रिक टन चारे की आवश्यकता है।
- प्रशासन ने चारे की कमी वाले क्षेत्रों में स्टॉक पहुँचाने की योजना बनाई है।
- डेयरी उत्पादन के 40 लाख लीटर प्रतिदिन के लक्ष्य पर संकट।
आंध्र प्रदेश का चित्तूर जिला वर्तमान में एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। मार्च से जारी सूखे और एल नीनो (El Niño) की बढ़ती परिस्थितियों ने जिले में चारे की भारी किल्लत पैदा कर दी है। चित्तूर, जो राज्य के डेयरी क्षेत्र में शीर्ष स्थान रखता है, अब अपने पशुधन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च से जुलाई 2026 की अवधि के दौरान जिले में वर्षा में भारी गिरावट देखी गई है। जून से जुलाई के बीच केवल 66.8 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य 175.7 मिमी से 62% कम है। इस कमी के कारण भूजल स्तर गिर गया है और तालाब व सिंचाई नहरें सूख गई हैं, जिससे फसलों की पैदावार और पशुओं के लिए उपलब्ध फसल अवशेषों (crop residues) में भारी कमी आई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह संकट केवल कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी डेयरी उद्योग को भी प्रभावित कर रहा है। चित्तूर का लक्ष्य दूध उत्पादन को 40 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाना है, लेकिन चारे की अनुपलब्धता इस लक्ष्य को पटरी से उतार सकती है।
चारे की कमी से न केवल पशुधन का स्वास्थ्य प्रभावित होगा, बल्कि यह किसानों को अपने पशुओं को कम कीमत पर बेचने (distress sale) के लिए मजबूर कर सकता है।
पशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में 5.05 लाख पशुधन हैं, जिन्हें जुलाई से सितंबर के बीच लगभग 2.32 लाख मीट्रिक टन चारे की आवश्यकता होगी। प्रशासन ने नागारी, निंद्रा और विजयपुरम जैसे प्रभावित क्षेत्रों में चारे की कमी की आशंका जताई है, जबकि कुप्पम और पालमनर जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टॉक होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक कार्ययोजना
संकट को देखते हुए अधिकारियों ने एक व्यापक आकस्मिक योजना तैयार की है। इसमें सब्सिडी वाले चारे के बीज वितरित करना, चारे के बैंकों की स्थापना करना और वैज्ञानिक तरीके से साइलेज (silage) तैयार करना शामिल है। इसके अलावा, पशुओं के लिए विशेष आश्रय स्थल और कैंप भी बनाए जाएंगे ताकि किसानों को अपने पशु बेचने की नौबत न आए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. चित्तूर में चारे की कमी का मुख्य कारण क्या है?
एल नीनो के कारण वर्षा में 62% की कमी और सूखे की स्थिति इसका मुख्य कारण है।
2. प्रशासन संकट से निपटने के लिए क्या कर रहा है?
प्रशासन चारे के वितरण के लिए सब्सिडी, चारे के बैंक और विशेष पशु शिविरों की योजना बना रहा है।