तमिलनाडु के कीलाडी में उत्खनन के 11वें चरण के दौरान व्यापक ईंट संरचनाएं और 1,300 से अधिक प्राचीन कलाकृतियां मिली हैं, जो इस सभ्यता के उन्नत जीवन का संकेत देती हैं।

मुख्य बातें

  • कीलाडी के 11वें चरण में 9 क्वाड्रंट्स में निरंतर ईंट संरचनाएं मिली हैं।
  • 1,300 से अधिक कलाकृतियां, जिनमें सोने के आभूषण और लोहे के औजार शामिल हैं, बरामद की गईं।
  • एक उन्नत ड्रेनेज सिस्टम और टेराकोटा पाइपलाइन मिलने से औद्योगिक क्षेत्र होने की संभावना है।

तमिलनाडु के मदुरै के पास स्थित कीलाडी पुरातात्विक स्थल पर चल रहे उत्खनन के 11वें चरण ने पुरातत्वविदों को आश्चर्यचकित कर दिया है। तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (TNSDA) द्वारा संचालित इस अभियान में न केवल विशाल ईंटों की संरचनाएं मिली हैं, बल्कि प्राचीन जीवन की झलक पेश करने वाली हजारों वस्तुएं भी प्राप्त हुई हैं।

उत्खनन के निदेशक रमेश मासेथुंग के अनुसार, इस बार खुदाई के सभी नौ क्वाड्रंट्स में ईंटों की निरंतर संरचनाएं देखी गई हैं। ये संरचनाएं उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर काफी विस्तार लिए हुए हैं। यह खोज पिछले कुछ वर्षों में हुई खोजों की निरंतरता को दर्शाती है, जो यह बताती है कि कीलाडी की सभ्यता बहुत अधिक संगठित और विस्तृत थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कीलाडी की यह खोज दक्षिण भारत के इतिहास को फिर से लिखने की क्षमता रखती है। एक क्वाड्रंट में टेराकोटा पाइपलाइन और एक बंद ड्रेनेज सिस्टम (निकासी प्रणाली) का मिलना यह संकेत देता है कि यह क्षेत्र एक विकसित शहरी केंद्र या संभवतः एक औद्योगिक क्षेत्र था।

कीलाडी में मिली उन्नत जल निकासी प्रणाली और ईंटों का पैटर्न एक अत्यधिक संगठित शहरी सभ्यता का प्रमाण है।

बरामद की गई 1,300 से अधिक कलाकृतियों में सोने के सूक्ष्म आभूषण, हाथी दांत के पासे, अर्ध-कीमती पत्थर (जैसे एमेथिस्ट और कार्नेलियन), और लोहे के चाकू, छेनी व तलवारें शामिल हैं। विशेष रूप से, एक बर्तन पर बना मछली का प्रतीक उस समय की सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं पर प्रकाश डालता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कीलाडी का उत्खनन भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीनतम शहरी सभ्यताओं में से एक की पहचान करने के लिए किया जा रहा है। जहाँ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने शुरुआती चरणों का नेतृत्व किया, वहीं अब तमिलनाडु सरकार इस महत्वपूर्ण विरासत को उजागर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: कीलाडी में मिले अवशेषों की कार्बन डेटिंग से यह पता चलेगा कि यह सभ्यता कितनी पुरानी है, जो भारतीय इतिहास के कालक्रम को बदल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कीलाडी में क्या विशेष मिला है?
यहाँ ईंटों के घर, उन्नत ड्रेनेज सिस्टम, सोने के गहने और विभिन्न प्रकार के प्राचीन औजार मिले हैं।

2. यह खुदाई कौन कर रहा है?
वर्तमान में यह उत्खनन तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (TNSDA) द्वारा किया जा रहा है।