ReFiber ने भारत टेक्स 2026 में अपना श्वेतपत्र जारी किया, जिसमें मुंबई में 2.7 टन वस्त्र अपशिष्ट एकत्र करने और महिला‑प्रमुख अपसाइक्लिंग को सम्मिलित करने वाला पहला शहर‑स्तर सर्कुलर टेक्सटाइल मॉडल दिखाया गया। यह पहल तकनीक‑सक्षम संग्रह, डिजिटल ट्रेसबिलिटी और नागरिक भागीदारी के माध्यम से भारत के वस्त्र कचरे को संसाधन में बदलने की राह खोलती है।
मुख्य बिंदु
- 2.7 टन वस्त्र अपशिष्ट एकत्र किया गया
- 275 संग्रह आदेश 257 नागरिकों से प्राप्त हुए
- महिला‑प्रमुख अपसाइक्लिंग मॉडल ने आर्थिक और सामाजिक मूल्य बनाया
ReFiber ने भारत टेक्स 2026 में अपने प्रमुख श्वेतपत्र “मुंबई टेक्सटाइल सर्कुलर इकॉनमी डेमो प्रोजेक्ट” का अनावरण किया, जो शहर‑स्तर पर तकनीकी‑सक्षम वस्त्र पुनर्चक्रण मॉडल को दर्शाता है। यह पहल OterRi द्वारा संचालित और Tisser, CMAI, UNIDO, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई और Lions International के सहयोग से लागू की गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत विश्व के प्रमुख वस्त्र उत्पादकों और उपभोक्ताओं में से एक है, लेकिन पोस्ट‑कंज्यूमर वस्त्र अपशिष्ट के प्रबंधन में लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है। पिछले दशकों में सरकार और उद्योग ने कई नीतियों की शुरुआत की, फिर भी व्यवस्थित संग्रह और पुनर्चक्रण नेटवर्क का अभाव रहा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि डिजिटल ट्रेसबिलिटी और नागरिक भागीदारी के बिना बड़े‑पैमाने पर वस्त्र चक्रवृद्धि संभव नहीं है। इस परियोजना ने दिखाया कि मौजूदा शहर सेवा नेटवर्क को उपयोग करके पहले‑माइल संग्रह को बिना अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स के किया जा सकता है।
“तकनीक और समुदाय की साझेदारी ही भारत के वस्त्र अपशिष्ट को संसाधन में बदलने की कुंजी है।” – शृंकांत भांगडिया, चेयरमैन, ReFiber Initiative
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस मॉडल को अन्य भारतीय शहरों में कैसे लागू किया जाएगा?
उत्तर: ReFiber ने एक चरणबद्ध रोडमैप तैयार किया है, जिसमें नवी मुंबई से शुरू कर मुंबई महानगर क्षेत्र, महाराष्ट्र और अंततः राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार शामिल है।
प्रश्न 2: क्या नागरिकों को संग्रह में भाग लेने के लिए कोई प्रोत्साहन मिलता है?
उत्तर: हाँ, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से रिवार्ड पॉइंट्स और स्थानीय महिला‑सहकारी समूहों के साथ साझेदारी के तहत आर्थिक लाभ प्रदान किए जाते हैं।
प्रोजेक्ट ने छह प्रमुख बाधाओं की पहचान की है: स्रोत पर पृथक्करण की कमी, नागरिक प्रोत्साहन का अभाव, ट्रेसबिलिटी की कमी, व्यवस्थित संग्रह नेटवर्क की अनुपस्थिति, रीसायक्लर्स और अपसाइक्लर्स के बीच कमजोर कनेक्शन, और प्रभाव मापने की क्षमता का अभाव। इन चुनौतियों को तकनीकी‑समर्थित समाधान और महिलाओं‑नेतृत्व वाले अपसाइक्लिंग उद्यमों के माध्यम से दूर किया जा रहा है।