भारतीय वेटलिफ्टर मिराबाई चानू ने बताया कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम स्नैच नहीं करेंगी और अपना पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर केंद्रित रखेंगी। यह रणनीति उन्हें एशिया में पदक जीतने के लिए तैयार करेगी।

मुख्य बिंदु

  • चानू ने CWG 2026 में 90kg स्नैच नहीं करने का निर्णय लिया
  • एशियन गेम्स में प्रथम पदक जीतने का लक्ष्य
  • वजन वर्ग परिवर्तन की तैयारी, 53kg में कदम रखने की इच्छा

परिस्थिति का विवरण

वर्ल्ड चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मिराबाई चानू ने PTI को बताया कि वह इस साल के कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में 90 किलोग्राम स्नैच नहीं करेंगे। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स (19 सितंबर‑4 अक्टूबर, आयची‑नागोया, जापान) में शीर्ष पर पहुंचना है।

एशियन गेम्स के लिए तैयारी

चानू ने कहा, "मैं CWG में पूरी ताकत नहीं लगाऊँगी, मेरा फोकस एशियन गेम्स है। मैं उस योजना के अनुसार प्रशिक्षण ले रही हूँ।" वह एशियन गेम्स में 90kg स्नैच हासिल करने की दृढ़ संकल्प व्यक्त करती हैं, जबकि CWG में केवल वैध लिफ्ट से स्वर्ण पदक सुरक्षित करने का लक्ष्य रखती हैं।

वजन वर्ग में बदलाव

एशियन गेम्स के बाद, चानू 53kg वर्ग में स्थानांतरित होने की इच्छा जाहिर करती हैं, क्योंकि 48‑49kg वर्ग में लगातार वजन घटाने से शरीर पर दबाव बढ़ा है। वह कहती हैं, "53kg में जाने से मैं अधिक आराम महसूस करूँगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा भी कड़ी होगी।"

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that चानू की इस रणनीति से भारत की एशियन गेम्स में पदक संभावनाएँ बढ़ेंगी, जबकि CWG में संभावित जोखिम घटेगा। यह निर्णय भारतीय खेल प्रशासन को भी संकेत देता है कि शीर्ष एथलीट्स अपने पीक परफॉर्मेंस को कैसे प्रबंधित करते हैं।

"वेटलिफ्टिंग में दीर्घकालिक सफलता के लिए लक्ष्य‑उन्मुख प्रशिक्षण आवश्यक है," कहा अंतर्राष्ट्रीय कोच जॉन स्मिथ ने।
Did You Know?: मिराबाई चानू 2016 रियो ओलंपिक में भारत की पहली महिला वेटलिफ्टिंग सिल्वर जीत चुकी हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या चानू CWG में कोई मेडल जीतेंगी?

उत्तर: वह केवल वैध लिफ्ट से स्वर्ण पदक सुरक्षित करने की कोशिश करेंगी, लेकिन 90kg स्नैच नहीं करेंगे।

प्रश्न 2: एशियन गेम्स में उनका लक्ष्य क्या है?

उत्तर: 90kg स्नैच सहित कुल में स्वर्ण पदक जीतना, और 53kg वर्ग में भविष्य की योजना बनाना।