CITU के राज्य अध्यक्ष छत्री नारासिंगा राव ने विज़ाग स्टील प्लांट में 10 अगस्त के सर्क्युलर को हटाने का आह्वान किया, जो कर्मचारियों को मीडिया से बात करने से रोकते हैं। उन्होंने अनुबंधित कर्मचारियों की पुनः नियुक्ति और 8 जून की दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक परिवार को 1 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की।
मुख्य बिंदु
- 10 अगस्त के सर्क्युलर से कर्मचारियों को मीडिया से बात करने पर रोक
- CITU ने सर्क्युलर हटाने और अनुबंधित कर्मचारियों की पुनः नियुक्ति की मांग
- 8 जून की दुर्घटना में पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का दावा
इतिहासिक पृष्ठभूमि
विज़ाग स्टील प्लांट में पिछले दो वर्षों में वेतन बकाया, काम की बढ़ती मात्रा और कई दुर्घटनाओं के कारण श्रमिकों और प्रबंधन के बीच तनाव बढ़ा है। अगस्त 2025 में भी समान सर्क्युलर जारी किए गए थे, जिनपर CITU ने विरोध किया था।
प्रबंधन का दावा है कि कंपनी के पास 900 करोड़ रुपये के वेतन बकाया को पूरा करने के लिए पर्याप्त रिज़र्व हैं, जबकि श्रमिकों का कहना है कि यह राशि अभी तक नहीं दी गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that restricting workers’ communication with media not only undermines transparency but also fuels industrial unrest, potentially affecting steel production across India.
"मीडिया तक पहुँच को सीमित करना श्रमिकों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है और इससे उद्योग में विश्वास का क्षय होता है," कहा श्रम कानून विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सर्क्युलर में क्या प्रतिबंध है?
उत्तर: यह सर्क्युलर कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की जानकारी को मीडिया तक पहुँचाने या साझा करने से रोकता है।
प्रश्न 2: CITU कौन-सी क्षतिपूर्ति की माँग कर रहा है?
उत्तर: 8 जून की दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक श्रमिक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की माँग की गई है।