गोवा पुलिस ने बताया कि तस्कर अब ड्रग्स को कूरियर और डाक के माध्यम से भेज रहे हैं। इस खतरे को रोकने के लिए 75 से अधिक डिलिवरी कंपनियों को जागरूक किया गया है। यह कदम ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तीन‑सालीय रोडमैप का हिस्सा है।
Key Takeaways
- ड्रग तस्करी में पोस्ट और कूरियर नेटवर्क का बढ़ता उपयोग।
- 75 कूरियर एवं डाक सेवा प्रदाताओं को जागरूकता बैठक में बुलाया गया।
- ‘डेड‑ड्रॉप’ विधि से तस्कर अनजान डिलिवरी कर्मियों को प्रयोग कर रहे हैं।
गोवा पुलिस ने हाल ही में एक विशेष बैठक में कूरियर और डाक सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों को बुलाकर ड्रग तस्करी के नए रुझान पर चर्चा की। इस बैठक में बताया गया कि तस्कर अब गांजा, चारास, एचएसडी, एमडीएमए और कोकीन जैसी वस्तुओं को छोटे पैकेजों में छिपाकर डाक के माध्यम से भेज रहे हैं।
पिछले साल पुलिस ने एक केस में हैशिश को स्टीम आयरन के नीचे छिपा कर भेजा गया पाया था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पारंपरिक जांच विधियों से अब इन मामलों को पकड़ना कठिन हो रहा है। इसलिए, गोवा पुलिस ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत तीन‑सालीय रणनीति के हिस्से के रूप में कूरियर कंपनियों से सक्रिय सहयोग माँगा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the coastal state’s tourism‑driven economy makes it a lucrative target for drug traffickers, and the misuse of postal services threatens both public safety and the reputation of legitimate logistics businesses.
"डाक नेटवर्क की अनदेखी से तस्कर आसानी से बड़े पैमाने पर ड्रग्स का परिवहन कर सकते हैं, इसलिए कूरियर कंपनियों की सतर्कता अब अनिवार्य है," कहा विशेषज्ञ ने।
ड्रग की प्रमुख स्रोत राज्य एवं पदार्थ के अनुसार इस प्रकार हैं:
| ड्रग | मुख्य स्रोत राज्य/देश |
|---|---|
| गाँजा | झारखंड, ओडिशा |
| चारास | हिमाचल प्रदेश, नेपाल |
| LSD | केरल |
| कोकीन | दक्षिण अमेरिकी देश (समुद्री मार्ग) |
| मेथामफेटामाइन | केरल, बेंगलुरु |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या डाक कर्मचारियों को ड्रग पैकेज पहचानने के लिए विशेष प्रशिक्षण मिलेगा?
उत्तर: गोवा पुलिस ने सभी डाक और कूरियर कंपनियों से KYC नियमों का कड़ाई से पालन करने और संदिग्ध पैकेजों को तुरंत रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।
प्रश्न 2: अगर कोई डिलिवरी पार्टनर अनजाने में ड्रग ले जाता है तो उसकी क्या जिम्मेदारी होगी?
उत्तर: यदि डिलिवरीकर्ता ने सतर्कता नहीं बरती और पैकेज में अनियमितता नोटिस नहीं की, तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकता है।