बिहार सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए एक समर्पित बल बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत विभाग 1,000 'खाना सिपाहियों' की भर्ती करेगा ताकि पुलिस पर निर्भरता कम हो सके।
मुख्य बातें
- बिहार खान एवं भूविज्ञान विभाग 1,000 नए 'खाना सिपाहियों' की भर्ती करेगा।
- उद्देश्य: अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण।
- विभाग अब छापेमारी के लिए स्थानीय पुलिस पर निर्भर नहीं रहेगा।
- राजस्व में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
पटना: बिहार के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने राज्य में अवैध खनन की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खनन मंत्री प्रमोद कुमार ने घोषणा की है कि विभाग अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण को रोकने के लिए 1,000 'खाना सिपाहियों' (constables) की भर्ती करेगा।
यह निर्णय राज्य के मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की तर्ज पर लिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में विभाग को छापेमारी करने के लिए स्थानीय पुलिस पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे जिला प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। एक समर्पित बल के गठन से विभाग स्वतंत्र रूप से छापेमारी कर सकेगा और खनन कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार में खनिज संपदा की चोरी राज्य के राजस्व के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। एक समर्पित बल न केवल माफियाओं के बीच भय पैदा करेगा, बल्कि स्थानीय पुलिस के कार्यभार को भी कम करेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और सरकारी खजाने में आने वाले राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
एक समर्पित सुरक्षा बल का निर्माण खनन क्षेत्र में भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र को जड़ से मिटाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
राजस्व और प्रवर्तन डेटा
मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष के इसी अवधि के ₹590.12 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹790.23 करोड़ का संग्रह किया गया है।
| विवरण | पिछला वित्त वर्ष (2025-26) | वर्तमान वित्त वर्ष (प्रारंभिक 4 माह) |
|---|---|---|
| कुल राजस्व संग्रह | ₹590.12 करोड़ | ₹790.23 करोड़ |
| छापेमारी की संख्या | - | 16,861 |
| गिरफ्तारी | - | 278 व्यक्ति |
जुलाई तक की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने 2,497 वाहनों को जब्त किया है और ₹32.64 करोड़ का जुर्माना वसूला है। भर्ती प्रक्रिया के लिए योग्य आयोग और प्रशिक्षण मापदंडों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. 'खाना सिपाही' की भर्ती क्यों की जा रही है?
अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए एक स्वतंत्र बल की आवश्यकता है ताकि पुलिस पर निर्भरता खत्म हो सके।
2. क्या इससे राजस्व बढ़ेगा?
हाँ, सख्त निगरानी और छापेमारी से अवैध गतिविधियों में कमी आएगी, जिससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी।