Block ने 46 अमेरिकी राज्यों के एटर्नी जनरलों के साथ $45 मिलियन का समझौता किया, जिसमें Cash App की धोखाधड़ी सुरक्षा में कमी का आरोप लगाया गया। कंपनी ने कहा कि वह किसी गलत कार्य को स्वीकार नहीं करती, पर अब उसे उपयोगकर्ता सहायता और फ़्रॉड रोकथाम को सुदृढ़ करना होगा।

फिनटेक दिग्गज Block, जो पहले Square के नाम से जाना जाता था, ने 46 अमेरिकी राज्यों के एटर्नी जनरलों के साथ $45 मिलियन का समझौता किया। यह समझौता उन दावों के जवाब में आया है कि कंपनी की पियर‑टू‑पियर भुगतान ऐप Cash App ने उपयोगकर्ताओं को बैंक‑जैसी सुरक्षा का झूठा भरोसा दिलाया, जबकि वास्तविकता में धोखाधड़ी रोकथाम में लापरवाह रही।

धोखाधड़ी के अवसरों को आसान बनाना

राज्य एजेंसियों ने बताया कि Cash App उपयोगकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा संख्या (SSN) या जन्म तिथि के बिना खाते खोलने की अनुमति देता है, और एक व्यक्ति द्वारा कई खाते बनाने पर कोई सीमा नहीं रखी गई। इससे स्कैमर आसानी से कई नकली प्रोफ़ाइल बनाकर फंड ट्रांसफ़र कर सकते थे। इसके अलावा, ऐप में आधिकारिक ग्राहक समर्थन फोन नंबर न होने के कारण, कई उपयोगकर्ता जब अपने खाते से बाहर हो जाते थे, तो वे धोखेबाज़ों द्वारा संचालित नकली हेल्पलाइन पर भरोसा कर लेते थे।

पहले के नियामक कदम और नई प्रतिबद्धताएँ

Cash App पर पहले भी नियामक निगरानी रही है। 2022 में उपभोक्ता वित्तीय संरक्षण ब्यूरो (CFPB) ने Block पर $175 मिलियन के जुर्माने सहित उपभोक्ता राहत के उपायों का आदेश दिया था, क्योंकि कंपनी ने धोखाधड़ी शिकायतों की उचित जांच नहीं की और ग्राहक सेवा में खामियाँ थीं। इस नई समझौते के तहत Block को Cash App की धोखाधड़ी रोकथाम तंत्र को उन्नत करना होगा, जिसमें रीयल‑टाइम फ्राॉड डिटेक्शन, उपयोगकर्ता पहचान सत्यापन, और लाइव ग्राहक समर्थन शामिल है।

फिनटेक के भविष्य पर प्रभाव

अमेरिकी उपभोक्ता अब बैंकिंग सेवाओं के लिए कई बार फिनटेक ऐप्स पर निर्भर होते हैं। यह निर्भरता नियामकों को इन प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा और पारदर्शिता को सख्त बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। Block का यह समझौता एक चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है कि भविष्य में समान ऐप्स को अधिक कठोर अनुपालन मानकों को अपनाना पड़ेगा, नहीं तो उन्हें भारी जुर्माने और सार्वजनिक विश्वास की हानि का सामना करना पड़ सकता है।

आगे की राह

समझौते के बाद Block ने कहा कि वह उपयोगकर्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देगा और नई सुरक्षा उपायों को जल्द से जल्द लागू करेगा। हालांकि, नियामक निकायों की सतत निगरानी और संभावित क़ानूनी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि कंपनी अपने वादों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से पूरा करती है।