एक विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर की वास्तविक कहानी बताती है कि कैसे पूर्व पति के गृह ऋण डिफॉल्ट ने उसकी व्यक्तिगत लोन के आवेदन को बाधित कर दिया। यह लेख संयुक्त ऋण, गारंटर और को‑उधारकर्ता की कानूनी ज़िम्मेदारियों पर प्रकाश डालता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- संयुक्त ऋण में देनदारियों का साझा जोखिम
- तलाक के बाद भी पूर्व‑सह‑उधारकर्ता का डिफॉल्ट आपके स्कोर को घटा सकता है
- को‑उधारकर्ता, गारंटर और सह‑उधारकर्ता के बीच कानूनी अंतर को समझें
एक विश्वविद्यालय प्रोफ़ेसर ने वर्षों तक अपने सभी ईएमआई और क्रेडिट‑कार्ड बिल समय पर चुकाए। फिर भी, जब उसने तलाक के बाद व्यक्तिगत लोन के लिए आवेदन किया, तो बैंक ने या तो आवेदन को अस्वीकार कर दिया या बहुत कम राशि ही मंज़ूर की।
परिचय और शॉक
प्रोफ़ेसर ने पाया कि उनका पूर्व पति, जिसके साथ उन्होंने गृह ऋण लिया था, कई ईएमआई डिफॉल्ट कर चुका था। संयुक्त ऋण के डिफॉल्ट ने उनका क्रेडिट रिपोर्ट प्रभावित कर दिया, जिससे उनका स्कोर गिर गया—भले ही उन्होंने कभी कोई भुगतान नहीं छोड़ा हो।
कानूनी परिप्रेक्ष्य
रिसर्जेंट इंडिया लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति प्रकाश गडिया के अनुसार, को‑उधारकर्ता या गारंटर बनना केवल भावनात्मक मदद नहीं, बल्कि वित्तीय ज़िम्मेदारी है। “यदि मुख्य उधारकर्ता ईएमआई चूकता है, तो सभी जुड़े व्यक्तियों की क्रेडिट हिस्ट्री पर असर पड़ता है,” उन्होंने कहा।
सह‑उधारकर्ता, को‑उधारकर्ता और गारंटर में अंतर
एक सह‑उधारकर्ता ऋण के आवेदन और पुनर्भुगतान दोनों में समान भागीदारी रखता है। एक को‑उधारकर्ता आमतौर पर संपत्ति का हिस्सा साझा करता है, जबकि गारंटर प्रारंभ में ईएमआई नहीं देता, पर डिफॉल्ट की स्थिति में पूरी कानूनी ज़िम्मेदारी लेता है। इन भेदों को न समझने से भविष्य में कई सालों की वित्तीय परेशानी हो सकती है।
परिवार में अक्सर होने वाला फंदा
ज़ावो के संस्थापक कुंदन शाही बताते हैं कि भरोसे के कारण परिवार के भीतर कई लोग को‑उधारकर्ता या गारंटर बनते हैं—माता‑पिता शिक्षा ऋण में, पति‑पत्नी गृह ऋण में, भाई‑बहन व्यवसायिक ऋण में। लेकिन बैंकों के लिए “भरोसा” कोई मानदंड नहीं; वे केवल कानूनी दायित्व को देखते हैं।
सावधानी के कदम
किसी भी संयुक्त ऋण या गारंटी पर हस्ताक्षर करने से पहले इन बिंदुओं को याद रखें: (1) सभी जुड़े व्यक्तियों की क्रेडिट प्रोफ़ाइल की जाँच करें, (2) संभावित डिफॉल्ट के प्रभाव को समझें, (3) यदि संभव हो तो वैकल्पिक वित्तीय सहायता के विकल्प तलाशें। इस प्रकार, भावनात्मक सहायता को वित्तीय जोखिम में बदलने से बचा जा सकता है।