एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने चेंनई हवाईअड्डे के मल्टी‑लेवल पार्किंग में ग्राउंड फ़्लोर से टैक्सी बोर्डिंग की सुविधा दी है, जिससे यात्रियों को एलिवेटर की परेशानी से बचाया जा सकेगा। दूसरा प्लाज़ा अभी कानूनी अड़चनें सुलझाने की प्रतीक्षा में है, लेकिन इस कदम से तत्काल राहत मिलेगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- AAI ने टैक्सी बोर्डिंग को ग्राउंड फ़्लोर तक सीमित किया
- दूसरे प्लाज़ा की औपचारिक शुरुआत दो हफ़्तों में अनुमानित
- यात्रियों की लंबी कतारें और एलिवेटर जाम की समस्या कम होगी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने चेंनई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों को सुविधा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यात्रियों को टैक्सी लेने के लिए मल्टी‑लेवल कार पार्किंग के दूसरे तल तक जाना नहीं पड़ेगा; वे सीधे ग्राउंड फ़्लोर से ही टैक्सी बोर्ड कर सकते हैं। यह बदलाव उन यात्रियों के निरंतर दबाव के बाद आया है, जो कई महीनों से एलिवेटर की भीड़ और बगी वाहन के उपयोग से थक चुके थे।
पिछली व्यवस्था की कठिनाइयाँ
पहले, हवाईअड्डे पर उतरने के बाद यात्रियों को बगी वाहन या पैदल चलकर पार्किंग के मुख्य भवन तक पहुँचना पड़ता था, फिर दो एलिवेटर में से एक में चढ़कर दूसरे तल तक जाना पड़ता था जहाँ टैक्सी स्टैंड स्थित था। इन एलिवेटरों की क्षमता सीमित थी, और बड़े सामान वाले यात्रियों को अक्सर लंबी कतारों का सामना करना पड़ता था। इस असुविधा ने सामाजिक मीडिया और ग्राहक सर्वेक्षणों में तीव्र आलोचना को जन्म दिया।
प्लाज़ा परियोजना का इतिहास
AAI ने पहले एक वैकल्पिक टैक्सी पिक‑अप पॉइंट स्थापित करने की योजना बनाई थी, जो टर्मिनल‑1 के सामने स्थित एक नवीनीकृत कवर‑एरिया—‘प्लाज़ा’—में होगा। निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ, परन्तु विभिन्न कानूनी अड़चनें और प्रशासनिक देरी के कारण इस परियोजना में एक साल से अधिक का विलंब हुआ। जनवरी 2024 में प्लाज़ा का निर्माण पूरा हो गया, फिर भी इसे आधिकारिक रूप से खोलने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि अगले दो हफ़्तों में आवश्यक मंजूरी मिल जाएगी।
नया प्रोटोकॉल और समर्थन
इस बीच, AAI ने तत्काल राहत के तौर पर ग्राउंड फ़्लोर से टैक्सी बोर्डिंग की सुविधा लागू की है। हवाईअड्डे के स्टाफ को यात्रियों को मार्गदर्शन करने और टैक्सी बोर्डिंग में सहायता करने के लिए तैनात किया गया है। कई यात्रियों ने इस बदलाव को सराहा है, जबकि वे प्लाज़ा के खुले जाने की प्रतीक्षा में हैं। नियमित यात्री राम के. ने कहा, “एलिवेटर के इंतजार से थक गया था, अब यह नई व्यवस्था बहुत मददगार है, पर प्लाज़ा के खोलने में और देरी नहीं होनी चाहिए।”
भविष्य की संभावनाएँ
यदि प्लाज़ा की शुरुआत बिना किसी और बाधा के हो जाती है, तो यह न केवल यात्रियों के प्रवाह को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि हवाईअड्डे के समग्र संचालन में भी सुधार लाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बुनियादी सुविधाएँ यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाकर हवाईअड्डे की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकती हैं, विशेषकर दक्षिण भारत में बढ़ती एयर ट्रैफ़िक को देखते हुए।