केरल के कन्नूर उपभोक्ता आयोग ने अमेज़न को ₹1,945.30 का रिफंड और मानसिक कष्ट व मुकदमे के खर्च के लिए कुल ₹12,000 की अतिरिक्त राशि देने का आदेश दिया। यह फैसला ऑनलाइन मार्केटप्लेस की जवाबदेही को सुदृढ़ करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केरल उपभोक्ता फोरम ने अमेज़न को ₹1,945.30 रिफंड देने का आदेश दिया।
  • शिकायतकर्ता को मानसिक कष्ट के लिए ₹8,000 और मुकदमे के खर्च के लिए ₹4,000 की अतिरिक्त राशि मिली।
  • यह निर्णय ऑनलाइन मार्केटप्लेस की जवाबदेही को सुदृढ़ करता है।

केरल के कन्नूर जिले के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक हालिया मामले में अमेज़न को मूल उत्पाद मूल्य के साथ अतिरिक्त क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया, जिससे कुल भुगतान ₹14,000 से अधिक हो गया। यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायतकर्ता अनिमा एम, जो एक प्रतिष्ठित फर्म में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, ने 22 सितंबर 2025 को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से काले रंग के Skechers जूते ऑर्डर किए। भुगतान GPay के माध्यम से ₹1,945.30 किया गया, जबकि कुल ऑर्डर मूल्य लगभग ₹5,200 था। जूते 23 सितंबर को डिलीवर हुए, परंतु प्राप्त वस्तु विज्ञापित छवि से मेल नहीं खाती थी – जूते का सोल सफ़ेद था और रंग में अंतर था।

रिफंड की मांग और विक्रेता का उत्तर

अनिमा ने दोषपूर्ण उत्पाद को अगले दिन ही लौटाया और विक्रेता ने एक हफ़्ते के भीतर रिफंड करने का वादा किया। लेकिन बाद में अमेज़न ने कहा कि लौटाए गए जूते उनके गोदाम में नहीं मिले, इसलिए रिफंड नहीं किया जाएगा। इस कारण शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की, यह दावा करते हुए कि इस देरी से उन्हें 30 सितंबर को बेंगलुरु में एक महत्वपूर्ण नौकरी का प्रस्ताव खोना पड़ा।

आयोग की सुनवाई और निर्णय

कन्नूर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रवि सुशा और सदस्यों मोल्युक्त्टी मैथ्यू एवं सजिश के. पी. ने 30 जून को सुनवाई के बाद पाया कि अमेज़न ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और कोई लिखित बचाव प्रस्तुत नहीं किया। परिणामस्वरूप, आयोग ने अमेज़न को ₹1,945.30 की रिफंड, मानसिक कष्ट के लिए ₹8,000 और मुकदमे के खर्च के लिए ₹4,000 का भुगतान करने का आदेश दिया, जिसे 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।

निर्णय का महत्व

यह आदेश स्पष्ट करता है कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस बिना ठोस सबूत के रिफंड से इनकार नहीं कर सकते, विशेषकर जब ग्राहक ने दिखाया हो कि वह उत्पाद विवरण या छवि से मेल नहीं खाता। उपभोक्ता को अपने अधिकारों के लिए कानूनी सहायता प्राप्त करने हेतु राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (केरल: 1800-425-1550, राष्ट्रीय: 1915) से संपर्क करने की सलाह दी गई है।