Meta Platforms पर 26 पूर्व कर्मचारियों ने मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप है कि कंपनी ने एआई‑संचालित एल्गोरिद्म से विकलांग या मेडिकल लीव पर रहने वाले कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर छंटनी के लिए लक्ष्य बनाया। यह विवाद एआई‑आधारित मानव संसाधन प्रबंधन की नैतिकता को सवालों के घेरे में लाता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- Meta ने एआई‑संचालित सॉफ़्टवेयर से विकलांग कर्मचारियों को छंटनी के लिए लक्ष्य बनाया।
- 26 पूर्व कर्मचारियों ने कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया।
- Meta ने कहा कि कार्यबल प्रबंधन मानव द्वारा किया जाता है, एआई नहीं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट में 26 पूर्व Meta Platforms कर्मचारियों ने एक सामूहिक मुकदमा दायर किया है, जिसमें कंपनी पर एआई‑संचालित सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके उन लोगों को छंटनी के लिए चुना गया है जिनके पास विकलांगता या मेडिकल लीव का इतिहास है। यह आरोप बताता है कि कंपनी ने उत्पादकता और एआई‑टोकन उपयोग जैसे मीट्रिक को प्राथमिकता दी, जिससे स्वास्थ्य कारणों से अनुपलब्ध कर्मचारियों को असमान रूप से नुकसान पहुँचा।
पृष्ठभूमि
Meta ने 2024 के अंत में अपने वैश्विक कार्यबल के 10 % यानी लगभग 8,000 पदों की छंटनी की घोषणा की थी, और बाद में अतिरिक्त कटौती की योजना बनाई। यह कदम तब आया जब तकनीकी कंपनियों में लागत‑कमी और पुनर्संरचना की लहर चल रही थी। हालांकि, इस प्रक्रिया में एआई के उपयोग पर सवाल उठे, क्योंकि कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को एल्गोरिद्म में शामिल किया गया था, जिससे संभावित भेदभाव का जोखिम उत्पन्न हुआ।
कानूनी आरोप
मुकदमे में बताया गया है कि Meta ने संघीय और राज्य के उन कानूनों का उल्लंघन किया है जो विकलांग कर्मचारियों, गर्भवती महिला या मेडिकल लीव पर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भेदभाव या प्रतिशोध को प्रतिबंधित करते हैं। 26 अभियुक्त, जो छह विभिन्न राज्यों—कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन डी.सी. सहित—से हैं, ने इस बात पर बल दिया है कि एआई मॉडल ने उनके स्वास्थ्य-संबंधी अनुपस्थिति को नकारात्मक रूप से मूल्यांकित किया।
Meta की प्रतिक्रिया
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि इन आरोपों में कोई वैधता नहीं है और “कार्यबल प्रबंधन और संगठनात्मक निर्णय लोग ही लेते हैं, एआई नहीं।” कंपनी ने यह भी कहा कि वह एआई को निर्णय‑सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करती है, लेकिन अंतिम निर्णय मानव प्रबंधन द्वारा किया जाता है। यह बयान एआई के प्रयोग के प्रति बढ़ती सार्वजनिक जाँच का सामना करने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
प्रौद्योगिकी उद्योग पर संभावित प्रभाव
यदि इस मुकदमे में प्रतिवादी पक्ष को सफलता मिलती है, तो यह तकनीकी कंपनियों के लिए एक चेतावनी बन सकता है कि एआई‑आधारित HR टूल्स में पारदर्शिता, डेटा‑सुरक्षा और कानूनी अनुपालन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस केस से एआई एल्गोरिद्म में संभावित पूर्वाग्रह को पहचानने और सुधारने के लिए नई नियामक दिशाएँ बन सकती हैं, जिससे भविष्य में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक कठोर मानक स्थापित हो सकते हैं।