मत्स्य मंत्री किनजारपु अंचनैनडू ने कहा कि NDA सरकार ने नीतिगत सुधारों और सब्सिडी के माध्यम से जलीय कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित किया है। उन्होंने पिछली सरकार पर इस क्षेत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • NDA सरकार ने मछली आहार की कीमतों में कटौती और बिजली सब्सिडी में वृद्धि की है।
  • नारासपुरम में मत्स्य विश्वविद्यालय के लिए ₹32 करोड़ जारी किए गए हैं।
  • मत्स्य क्षेत्र की वृद्धि दर में सुधार देखा गया है, जो 2025-26 में 14.9% होने का अनुमान है।
  • APSADA अधिनियम को पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मजबूत किया गया है।

आंध्र प्रदेश के कृषि और मत्स्य मंत्री किनजारपु अंचनैनडू ने बुधवार को विजयवाड़ा में मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य के जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में आए बड़े बदलावों का विवरण दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान NDA गठबंधन सरकार ने उन नीतिगत विफलताओं को दूर कर दिया है, जिन्होंने पिछली YSRCP सरकार के दौरान इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को पंगु बना दिया था।

आर्थिक सुधार और विकास दर

मंत्री ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि आंध्र प्रदेश का सकल मूल्य वर्धित (GVA) 2019-20 में ₹41.75 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹63.65 लाख करोड़ हो गया है। उन्होंने एक चिंताजनक तुलना प्रस्तुत की, जिसमें कहा कि TDP सरकार (2014-19) के दौरान मत्स्य क्षेत्र ने 15.74% की शानदार वृद्धि दर्ज की थी, लेकिन YSRCP शासन के दौरान यह गिरकर मात्र 1% रह गई थी। हालांकि, NDA सरकार के प्रयासों से 2024-25 में 7.38% की वृद्धि देखी गई और आगामी वर्ष 2025-26 के लिए 14.9% की वृद्धि का अनुमान है।

किसानों के लिए राहत पैकेज

अंचनैनडू ने बताया कि सरकार ने उत्पादन लागत को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मछली आहार (Fish Feed) की कीमतों में ₹5.60 प्रति किलोग्राम की कमी की गई है। इसके अतिरिक्त, बिजली टैरिफ को ₹3.85 से घटाकर ₹2 प्रति यूनिट कर दिया गया है, और पात्र किसानों के लिए ₹1.50 प्रति यूनिट की सब्सिडी वाली बिजली की व्यवस्था की गई है। बिजली सब्सिडी का बजट भी ₹764 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ (प्रस्तावित) तक ले जाया गया है।

भविष्य की योजनाएं और संस्थागत मजबूती

क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए, सरकार नारासपुरम में प्रस्तावित मत्स्य विश्वविद्यालय के लिए ₹32 करोड़ की राशि जारी कर चुकी है। साथ ही, शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए APSADA अधिनियम को और अधिक सशक्त बनाया गया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार एक व्यापक 'एंड-टू-एंड' एक्वाकल्चर नीति तैयार कर रही है, जो किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करेगी।