इंडिया टुडे की एक गुप्त जांच में दिल्ली-NCR के बाजारों में नकली पनीर, दूध और खोया की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ है। मेवात से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैला यह रैकेट सोयाबीन, पाम ऑयल और पाउडर का उपयोग कर असली दिखने वाला नकली उत्पाद बना रहा है।
मुख्य बातें
- मेवात (हरियाणा) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दिल्ली-NCR तक फैला है नकली डेयरी उत्पादों का नेटवर्क।
- पनीर बनाने के लिए सोयाबीन, पाम ऑयल, मिल्क पाउडर और सेल्खड़ी (टैल्क पाउडर) का घातक मिश्रण इस्तेमाल हो रहा है।
- जांच में पाया गया कि 'नकली पनीर' को असली बताकर बाजारों में बेचा जा रहा है।
- शादियों के सीजन में इस नकली उत्पाद की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
दिल्ली-एनसीआर के खाद्य सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। इंडिया टुडे की एक अंडरकवर जांच में एक ऐसे संगठित रैकेट का खुलासा हुआ है, जो हरियाणा के मेवात और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नकली पनीर, दूध और खोया की आपूर्ति कर रहा है। यह गिरोह कृषि क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में छिपे अवैध कारखानों से काम कर रहा है।
मेवात के अवैध कारखानों का सच
जांच के दौरान पाया गया कि दिल्ली से लगभग 130 किमी दूर मेवात क्षेत्र में दर्जनों अवैध इकाइयां संचालित हो रही हैं। ये इकाइयां सोयाबीन के अर्क, पाम ऑयल, वनास्पती, मिल्क पाउडर और सेल्खड़ी (soapstone/talc powder) का उपयोग करके पनीर तैयार कर रही हैं। इन कारखानों में बड़े प्लास्टिक ड्रम और सोयाबीन की बोरियां देखी गईं, जहाँ श्रमिकों द्वारा सफेद ब्लॉक बनाए जा रहे थे जो दिखने में बिल्कुल असली पनीर जैसे लगते हैं।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल मिलावट का मामला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। खाद्य नियमों के अनुसार, यदि किसी उत्पाद में वनस्पति वसा का उपयोग किया जाता है, तो उसे 'नॉन-डेयरी' या 'एनालॉग' के रूप में लेबल किया जाना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ इसे सीधे 'पनीर' के रूप में बेचा जा रहा है।
नकली डेयरी उत्पादों का यह नेटवर्क न केवल उपभोक्ताओं को धोखा दे रहा है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि व्यापारियों ने स्वीकार किया कि शुद्ध दूध से पनीर बनाना 'व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है', इसलिए वे सस्ते विकल्पों का सहारा लेते हैं। दिल्ली के आजादपुर मंडी, नांगलोई और द्वारका मोड़ जैसे बड़े वितरण केंद्रों तक यह मिलावटी माल पहुंच रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. नकली पनीर में किन चीजों का उपयोग किया जाता है?
जांच में सोयाबीन, पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, वनास्पती और सेल्खड़ी (टैल्क पाउडर) का उपयोग पाया गया है।
2. यह मिलावटी सामान कहाँ बेचा जा रहा है?
यह मुख्य रूप से दिल्ली के आजादपुर मंडी, नांगलोई और द्वारका मोड़ जैसे बड़े बाजारों में बेचा जा रहा है।