भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारी मांग और $52.3 बिलियन के जबरदस्त विदेशी निवेश के बाद अपनी विशेष FCNR(B) फॉरेक्स स्वैप सुविधा को 31 अगस्त को ही बंद करने का निर्णय लिया है।
मुख्य बातें
- RBI ने FCNR(B) स्वैप विंडो को निर्धारित समय से पहले 31 अगस्त को बंद करने का फैसला किया है।
- इस योजना के माध्यम से अब तक $52.3 बिलियन का विदेशी निवेश जुटाया जा चुका है।
- बैंकों के लिए स्वैप प्रक्रिया 11 सितंबर तक जारी रहेगी।
- ECB और OFCB योजनाएं 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेंगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने 'उत्साहजनक प्रतिक्रिया' को देखते हुए अपनी विशेष विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (FCNR(B)) जमा के लिए फॉरेक्स स्वैप सुविधा को समय से पहले, यानी 31 अगस्त को बंद करने का निर्णय लिया है। इस विशेष योजना ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली में भारी मात्रा में विदेशी पूंजी आकर्षित की है।
भारी निवेश और सफलता का आंकड़ा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष फॉरेक्स सुविधा के माध्यम से 13 अगस्त तक कुल $56.846 बिलियन का विदेशी मुद्रा प्रवाह देखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का है, जो $52.3 बिलियन तक पहुंच गया है। इसके बाद OFCBs ($2.805 बिलियन) और ECBs ($1.741 बिलियन) का स्थान है। यह निवेश दर्शाता है कि गैर-निवासी भारतीयों (NRIs) और विदेशी निवेशकों ने इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि RBI का यह कदम रुपये की स्थिरता बनाए रखने और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम था। बैंकों के लिए हेजिंग लागत (hedging cost) को कम करके, RBI ने FCNR(B) जमा को विदेशी धन जुटाने का एक अत्यधिक आकर्षक स्रोत बना दिया। इससे बैंकों को NRIs को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें प्रदान करने में मदद मिली।
इस योजना को मुख्य रूप से मुद्रा की स्थिरता और तरलता बनाए रखने के उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि केवल भंडार बढ़ाने के माध्यम के रूप में।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: RBI ने इस तरह की स्वैप सुविधा का उपयोग अंतिम बार 2013 में किया था, जब रुपये पर भारी दबाव था। वर्तमान में, इस सुविधा का उद्देश्य वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पूंजी प्रवाह को प्रोत्साहित करना और रुपये को मजबूती प्रदान करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. FCNR(B) जमा क्या है?
यह गैर-निवासी भारतीयों द्वारा विदेशी मुद्रा में किया जाने वाला एक सुरक्षित निवेश है जो भारत में कर मुक्त है।
2. क्या बैंक अभी भी स्वैप कर सकते हैं?
हाँ, जमा किए गए FCNR(B) के खिलाफ स्वैप प्रक्रिया 11 सितंबर तक जारी रहेगी।