डेढ़ साल के भारी विलंब के बाद, चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने पुरसावक्कम और केलीस के बीच महत्वपूर्ण सुरंग का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। निवासियों के विरोध और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद, अब फेज 2 परियोजना की गति तेज होने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- पुरसावक्कम से केलीस के बीच 300 मीटर लंबी सुरंग का काम पूरा हुआ।
- निवासियों के विरोध और शाफ्ट निर्माण में देरी के कारण परियोजना 18 महीने पिछड़ गई थी।
- सितंबर के तीसरे सप्ताह से डाउनलाइन ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू होगा।
- यह सुरंग मदवारम-SIPCOT कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने अंततः अपनी महत्वाकांक्षी फेज 2 परियोजना के तहत पुरसावक्कम और केलीस के बीच सुरंग बनाने का चुनौतीपूर्ण कार्य पूरा कर लिया है। दिसंबर 2024 में शुरू हुआ यह काम, जो कुछ ही महीनों में पूरा हो जाना चाहिए था, स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध और केलीस में शाफ्ट बनाने में हुई देरी के कारण डेढ़ साल से अधिक समय तक लटका रहा।
यह 300-मीटर का खंड मदवारम-SIPCOT कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों और आईटी गलियारों को आपस में जोड़ेगा। पुरसावक्कम, जो अपने जीवंत बाजार के लिए जाना जाता है, और केलीस, जो एक शांत आवासीय क्षेत्र है, अब इस मेट्रो नेटवर्क के माध्यम से सीधे जुड़ जाएंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विकास?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चेन्नई के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए यह सुरंग एक गेम-चेंजर साबित होगी। यह न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि शहर के बढ़ते उपनगरों को मुख्य आर्थिक केंद्रों से भी जोड़ेगी। सुरंग की गहराई को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है; केलीस में मशीन 28 मीटर की गहराई पर थी, क्योंकि इसके बाद आने वाला किलपॉक मेडिकल कॉलेज स्टेशन फेज 1 के टनल के नीचे स्थित है।
तकनीकी बाधाओं और स्थानीय विरोध के बावजूद, सुरंग का सफल निर्माण चेन्नई के भविष्य के परिवहन नेटवर्क के लिए एक बड़ी जीत है।
परियोजना को और गति देने के लिए, CMRL ने एक रणनीतिक निर्णय लिया है। चूंकि पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) पहले ही देरी का सामना कर चुकी है, इसलिए मशीन को केलीस से वापस पुरसावक्कम की ओर मोड़ दिया जाएगा ताकि दोबारा नई मशीन लॉन्च करने में लगने वाले दो महीने बचाए जा सकें।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
चेन्नई मेट्रो का फेज 2 विस्तार 118.9 किमी का एक विशाल प्रोजेक्ट है। इसमें तीन मुख्य कॉरिडोर शामिल हैं: मदवारम से SIPCOT, लाइट हाउस से पूनमल्ली, और मदवारम से शोलिंगनल्लुर। यह विस्तार चेन्नई की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: इस सुरंग के काम में देरी क्यों हुई?
उत्तर: मुख्य रूप से केलीस के निवासियों द्वारा शोर के कारण किए गए विरोध और शाफ्ट निर्माण में हुई देरी के कारण काम डेढ़ साल पिछड़ गया।
प्रश्न 2: अगला चरण क्या है?
उत्तर: सितंबर के तीसरे सप्ताह से डाउनलाइन ट्रैक के निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है।