चेंनई के टंबरम सैनिटोरियम स्टेशन पर 25 वर्षीया फॉरेन्सिक साइंस अधिकारी ने मोबाइल बचाने के दौरान ट्रेन से गिर कर गंभीर सिर‑चेहरा चोटें झेली। आरोपी को शराब के नशे में पाया गया और उसकी पत्नी ने बच्चे के साथ आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे रैलवे सुरक्षा बल ने रोका।

मुख्य बिंदु

  • महिला ने मोबाइल बचाने के दौरान ट्रेन से गिरकर गंभीर चोटें प्राप्त कीं।
  • अभियुक्त शराब के नशे में था और पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
  • अभियुक्त की पत्नी ने बच्चे के साथ आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन रैलवे सुरक्षा बल ने बचा लिया।

घटना विवरण

रविवार शाम लगभग 8 बजे, टंबरम सैनिटोरियम रेलवे स्टेशन से चलती एक उपनगरीय ट्रेन में फॉरेन्सिक साइंस विभाग की 25 वर्षीय अधिकारी आडोलिन प्रभा को मोबाइल चोरी रोकने के प्रयास में ट्रेन से गिरना पड़ा। वह तेंकाशी जिले की मूल निवासी हैं और चेन्नई के मायलापोर में फॉरेन्सिक विभाग में कार्यरत हैं।

जैसे ही ट्रेन ने गति पकड़ी, प्लेटफॉर्म पर खड़े एक पुरुष ने उसका फोन छीनने की कोशिश की। प्रभा ने फोन को पकड़े रखने की कोशिश की, जिससे वह संतुलन खो बैठी और चलती ट्रेन से गिर गई। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई।

गिरते ही उसे सिर और चेहरे में गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने संदिग्ध को पकड़कर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी अजय नायक, 30 वर्ष, असम के रहने वाले, को शराब के नशे में पाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

अभियुक्त की पत्नी अपने शिशु के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची और उसके रिलीज़ की मांग की। जब पुलिस ने इनकार किया, तो वह और बच्चा दोनों ही आत्महत्या करने की कोशिश करने लगीं, जिसे RPF के कर्मचारियों ने रोका और दोनों को सुरक्षित किया। बाद में उन्हें परामर्श दिया गया और वह बच्चे के साथ घर वापस लौट गईं।

प्रभा को प्रारम्भ में टंबरम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में आगे के इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि अजय नायक, उसकी पत्नी और शिशु उस समय अपने गृहनगर लौटने की राह में थे।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में चेन्नई के उपनगरीय ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाएँ बढ़ी हैं। कई बार पीड़ितों ने लड़ाई के दौरान ट्रेन से गिरने या गंभीर चोटें पाने की शिकायत की है, जिससे सुरक्षा उपायों पर प्रश्न उठे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia analysis shows कि सार्वजनिक परिवहन पर रखी गई सुरक्षा कमियाँ न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि सार्वजनिक भरोसे को भी क्षीण करती हैं। इस प्रकार की घटनाएँ पुलिस और रैलवे प्राधिकरणों को ट्रेन सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देती हैं।

"ट्रेन में मोबाइल चोरी को रोकने के लिए यात्रियों को सतर्क रहना चाहिए, लेकिन सुरक्षा कर्मियों को भी तेज प्रतिक्रिया प्रदान करनी होगी," कहा प्रमुख पुलिस अधिकारी ने।
क्या आप जानते हैं?: 2023 में चेन्नई में रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर 1,200 से अधिक मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या ट्रेन में मोबाइल चोरी की घटनाएँ बढ़ रही हैं?
उत्तर: हाँ, पिछले पाँच वर्षों में रिपोर्टेड मामलों में लगभग 35% की वृद्धि देखी गई है।

प्रश्न 2: पीड़ित को कौन सी चिकित्सा सहायता मिली?
उत्तर: उन्हें प्रारम्भिक आपातकालीन उपचार के बाद विशेष न्यूरो‑सर्जरी और पुनर्वास के लिए निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।