तिरुवनंतपुरम साइबर क्राइम पुलिस ने केरल सरकारी लॉटरी की फर्जी वेबसाइट चलाकर लोगों को ठगने वाले तमिलनाडु के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी लोगो और पते का उपयोग करके लोगों को झांसा दे रहा था।

मुख्य बातें

  • तमिलनाडु के थंजावुर का 25 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार।
  • आरोपी तीन फर्जी वेबसाइटों के जरिए केरल लॉटरी बेचने का नाटक करता था।
  • व्हाट्सएप और यूपीआई (UPI) के जरिए लोगों से पैसे ठगे जाते थे।
  • केरल सरकार की लॉटरी ऑनलाइन नहीं बेची जाती है।

तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए तमिलनाडु के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिनेश ए. (25), जो थंजावुर के पट्टुकोट्टई का रहने वाला है, कथित तौर पर केरल राज्य लॉटरी की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटें चला रहा था।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से ऐसी वेबसाइटें बनाई थीं जो बिल्कुल आधिकारिक केरल सरकारी लॉटरी पोर्टल जैसी दिखती थीं। धोखाधड़ी को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने 'केरल लॉटरी' के नाम, आधिकारिक लोगो और सरकारी पते का भी उपयोग किया। इन वेबसाइटों के माध्यम से सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार किया जाता था कि केरल लॉटरी टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि साइबर अपराधी अब सरकारी संस्थाओं की डिजिटल पहचान चुराने में अत्यधिक कुशल हो रहे हैं। आरोपी तीन अलग-अलग डोमेन (keralalotteryonlinebuy.com, keralalotteryonlinepurchase.com, और keralalotteryonlinebooking.com) का उपयोग कर रहा था, जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता था कि वेबसाइट असली है या फर्जी।

सरकारी वेबसाइटों की नकल करके लोगों का भरोसा जीतना साइबर अपराधियों की सबसे खतरनाक रणनीति बन गई है।

धोखाधड़ी का तरीका यह था कि संदिग्ध खरीदारों को व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड (QR Code) और यूपीआई भुगतान विवरण भेजे जाते थे। पैसे मिलने के बाद, पीड़ितों को आश्वासन दिया जाता था कि उनके लॉटरी टिकट पार्सल द्वारा भेज दिए जाएंगे, लेकिन कभी कुछ नहीं मिलता था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में, भारत के विभिन्न राज्यों में लॉटरी के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। जैसे-जैसे डिजिटल भुगतान (UPI) बढ़ा है, अपराधियों ने लोगों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया और फर्जी ई-कॉमर्स पोर्टल्स का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

क्या आप जानते हैं?: केरल सरकार की आधिकारिक लॉटरी टिकटों की बिक्री केवल अधिकृत एजेंटों के माध्यम से होती है, किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या केरल लॉटरी ऑनलाइन खरीदी जा सकती है?
नहीं, केरल राज्य लॉटरी टिकट ऑनलाइन वेबसाइटों या सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं बेचे जाते हैं।

2. यदि मैं साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाऊं तो क्या करूं?
आप तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं।