बेंगलुरु में एक तथाकथित बाबा ने आरबीआई से ₹505 करोड़ मिलने का फर्जी दावा कर एक गृहिणी से ₹2.5 करोड़ की धोखाधड़ी की। आरोपी ने महिला को भारी मुनाफे का लालच देकर नकदी और सोने के आभूषण हड़प लिए।
मुख्य बातें
- आरोपी 'गुरुजी' ने ₹505 करोड़ के आरबीआई फंड का फर्जी दावा किया।
- पीड़ित महिला से ₹2 करोड़ नकद और ₹50 लाख के सोने के गहने लिए गए।
- बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।
बेंगलुरु के चामराजपेट क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वयंभू धर्मगुरु, जिसे अफ़सर पाशा उर्फ 'गुरुजी' के नाम से जाना जाता है, ने एक 40 वर्षीय गृहिणी को ठग लिया। पीड़ित महिला, एम. कुमुदा, ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे आरबीआई से ₹505 करोड़ प्राप्त होने का झूठा आश्वासन दिया और बदले में उसे ₹10 करोड़ वापस करने का वादा किया।
धोखाधड़ी का तरीका
जांच के अनुसार, कुमुदा को पहले रियल एस्टेट व्यवसाय में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। जब उनके बेटे का एक्सीडेंट हुआ, तो आरोपी ने उनके घर में 'नकारात्मक ऊर्जा' होने का डर फैलाया और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर ₹8 लाख वसूले। इसके बाद, गुरुजी ने व्हाट्सएप पर फर्जी आरबीआई प्रमाणपत्र भेजकर महिला को विश्वास में लिया कि उसे भारी धनराशि मिलने वाली है।
विश्वास में आकर, कुमुदा ने अपना घर ₹8.5 करोड़ में बेच दिया और आरोपियों को किश्तों में ₹2 करोड़ नकद और ₹50 लाख मूल्य के सोने के आभूषण सौंप दिए। जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला दर्शाता है कि कैसे अपराधी धार्मिक भावनाओं और वित्तीय संकट का लाभ उठाकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। डिजिटल युग में, फर्जी दस्तावेजों (जैसे व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी सर्टिफिकेट) का उपयोग करके विश्वास जीतना अपराधियों के लिए आसान हो गया है।
धार्मिक आडंबर और अत्यधिक वित्तीय लाभ के लालच का मेल अक्सर बड़े वित्तीय अपराधों का आधार बनता है।
Frequently Asked Questions
1. आरोपी ने किस तरह के फर्जी दस्तावेज दिखाए?
आरोपी ने व्हाट्सएप पर ऐसे फर्जी आरबीआई प्रमाणपत्र भेजे जिन पर उसकी फोटो लगी हुई थी।
2. पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
बेंगलुरु CCB ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।